संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 18 Oct 2024 11:33 PM IST
मैनपुरी। गांव अजीतगंज के किसान सेवा केंद्र के संचालक को उधार लिए गए 5.50 लाख रुपये वापस नहीं करने का दोषी पाया गया है। स्पेशल जुडीशियल मजिस्ट्रेट राजाराम भारती ने संचालक पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाकर 7.50 लाख रुपया देने का आदेश किसान सेवा केंद्र के संचालक को दिया है।
अजीतगंज के किसान सेवा केंद्र के संचालक नरेंद्र सिंह ने रम्पुरा अजीतगंज के रहने वाले राजेंद्र प्रसाद मिश्रा से व्यापार के सिलसिले में 5.50 लाख रुपये उधार लिए थे। राजेंद्र मिश्रा ने यह रुपये 8 सितंबर 2023 को चेक के माध्यम से दिए थे। नरेंद्र सिंह ने चेक का भुगतान ले लिया। कुछ समय बाद जब राजेंद्र मिश्रा ने रुपये वापस मांगे तो संचालक ने रुपये वापस करने से मना कर दिया।
पीडि़त राजेंद्र मिश्रा ने न्यायालय में मुकदमा दायर किया। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जुडीशियल मजिस्ट्रेट राजाराम भारती के न्यायालय में हुई। पीड़ित ने शिकायत के संबंध में साक्ष्य भी प्रस्तुत किए। पीड़ित का पक्ष सुनने के बाद स्पेशल जुडीशियल मजिस्ट्रेट ने किसान सेवा केंद्र अजीतगंज के संचालक पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। पीड़ित को 7.50 लाख रुपया देने का आदेश संचालक को दिया है। रुपया नहीं देने पर एक साल की सजा भुगतनी होगी।
प्राधिकरण में जमा होंगे पांच हजार
स्पेशल जुडीशियल मजिस्ट्रेट राजाराम भारती ने पीड़ित को 7.45 लाख रुपया देने का आदेश दिया है। आदेश में लिखा है कि संचालक द्वारा 7.50 लाख रुपया न्यायालय में जमा किया जाएगा। जमा की जाने वाली धनराशि में से पांच हजार रुपया जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा किए जाएंगे। पीड़ित को 7.45 लाख रुपया ही मिलेगा।
