Fire rained from the sky, people got burnt

कचहरी रोड पर कडक़ धूप में इस तरह सिर पर कपड़ा लगाकर जाती छात्राएं।
– फोटो : संवाद

रायबरेली। गर्मी का प्रचंड रूप बृहस्पतिवार को दिखा। आसमान से आग सरीखी धूप बरसी, जिसने शरीर को झुलसा सा दिया। घर हो या बाहर हर जगह लोग गर्मी से बेहाल दिखे। लोगों को एक पहर भी राहत नहीं मिली। रात में भी गर्म हवा चलने से लोग परेशान रहे।मई का आधा महीना बीत चुका है और गर्मी अपने चरम की तरफ बढ़ने लगी है। पिछले सात दिनों से गर्मी व उमस हर किसी के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रही है। बृहस्पतिवार को सुबह से ही गर्मी के तेवर तल्ख दिखे। सुबह 9 बजेे ही तापमान 35 डिग्री पहुंचा गया और दोपहर 12 बजे यह 40 डिग्री पर रहा।

इस कारण दोपहर में सड़क पर निकलना मुश्किल रहा। धूप में एक पल के लिए खड़ा होना चुनौती सरीखा रहा। लोग पसीना पोंछने के साथ हांफने को मजबूर रहे। कहीं कोई छांव तलाशता मिला तो कोई पानी के लिए इंतजाम करने में लगा है। गर्मी इस कदर पड़ रही है कि पशु-पक्षी भी अब बेहाल होने लगे हैं। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा तो बाजार और दुकानों के शटर भी बंद रहे। गर्मी के कारण व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।

स्कूलों में अभी सीजन अवकाश घोषित नहीं किया गया है जिससे बच्चों को यह गर्मी बहुत भारी पड़ रही है। स्कूल जाने वाले बच्चे जब दोपहर में घर लौटते हैं तो उनके चेहरे पर गर्मी की तपिश साफ दिखती है।

अभी तापमान के और बढ़ने के आसार

बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 26 डिग्री रहा। 3 किमी प्रति घंटे की रफ्तार सेे गर्म हवा चली। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह के मुताबिक हीट वेव चल रही है और अगले दो दिन प्रचंड गर्मी के साथ तापमान के दो डिग्री बढ़ने की संभावना है।

सब्जी और फल पर गर्मी की मार

फल और सब्जी पर भीषण गर्मी होने से भी मार पड़ रही है। हरी सब्जी बाजार से गायब हो रही है तो फलों के दाम इतने महंगे हैं कि हर किसी की हिम्मत उन्हें खरीदने की नहीं है। तरबूज और खरबूजा बाजार में आ गया है और लोगों की पसंद भी यह दोनों रसीले फल हैं। सब्जी में तरोई, कद्दू ही मंडी में अधिक हैं। पालक, शिमला मिर्च, लोबिया बहुत कम मिल रही है। टमाटर भी बाजार में कम आ रहा है। कारण बाहर से टमाटर की आवक बहुत कम है और जिले के किसानों के खेतों में पैदा होने टमाटर से मंडी टल रही हैं। मंडी सभापति बाबूराम ने बताया कि बाहर से जो सब्जी की आवक आती थी वह पिछले दो माह से 70 फीसदी कम हो गई है। इस कारण मंडी में सब्जी की कमी है। स्थानीय किसानों की सब्जी ही बिक रही है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें