
कोर्ट का आदेश।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में लिपिक ने कोर्ट का फर्जी आदेश बनाकर मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने के चार आरोपियों का बरी करा दिया था। मामले में जांच के बाद लिपिक सहित पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। एसीजेएम -2 बटेश्वर कुमार ने न्यायालय के बर्खास्त जगदीशपुरा निवासी लिपिक पवन अग्रवाल सहित पांच को दोषी पाते हुए पांच साल कारावास के साथ 20 हजार रुपये दंड की सजा सुनाई है।
थाना न्यू आगरा में दर्ज मुकदमे के अनुसार पीड़ित ने अदालत में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था। आरोप लगाया था कि पथौली निवासी उसके चाचा अशोक, लवकेश चाची मीरा देवी और आशा देवी उसके प्लॉट पर जबरन कब्जा करना चाहते थे। आरोपियों ने उनसे और उनकी मां के साथ मारपीट कर गंभीर घायल कर दिया था। उनके पिता ने 2004 में आरोपियों के मुकदमा दर्ज कराया।
