लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के पांच शिक्षकों ने दुनिया भर में विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। इन शिक्षकों को विश्व के शीर्ष दो फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है। इनका चयन उनके द्वारा प्रकाशित शोधपत्र व उनके साइटेशन के आधार पर किया गया है।
लविवि के प्रवक्ता प्रो. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों में भौतिकी विभाग से प्रोफेसर अमृतांशु शुक्ला, डॉ. सीआर गौतम और डॉ. रोली वर्मा के साथ ही रसायन विज्ञान विभाग से प्रोफेसर अभिनव कुमार और डॉ. विनोद कुमार वशिष्ठ शामिल हैं। लविवि के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने सभी को बधाई दी है।
प्रो. अमृतांशु शुक्ला का मुख्य काम सैद्धांतिक परमाणु भौतिकी और तापीय ऊर्जा भंडारण पर है। उनके 200 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं, इनमें से लगभग 75 अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में शामिल हैं। उनके नाम 10 पुस्तकें भी हैं। डॉ. सीआर गौतम सिरेमिक सामग्री के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। सिरेमिक से दंत चिकित्सा और अस्थि प्रत्यारोपण के लिए इम्प्लांट तैयार किए जाते हैं। इनके शोध से नवीन सामग्री विकसित करने में मदद मिली है।
डॉ. रोली वर्मा ने प्लास्मोनिक व फोटोनिक नैनोस्ट्रक्चर और फिल्मों पर आधारित ऑप्टिकल सेंसर पर काम किया है। इसकी सहायता से पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को सीधा लाभ पहुंच रहा है। प्रोफेसर अभिनव कुमार का काम संक्रमणकालीन धातुओं, पॉलिमर (सीपी), धातु-कार्बनिक संरचनाओं (एमओएफ) और डाई-सेंसिटाइज्ड सौर कोशिकाओं के क्षेत्र में रहा है। इससे दवा निर्माण और ऊर्जा क्षेत्र को मदद मिलती है।
डॉ. विनोद कुमार वशिष्ठ का मुख्य काम पृथक्करण विज्ञान, मैक्रोसाइक्लिक कॉम्प्लेक्स, चिरल पृथक्करण, बायोएनालिटिकल रसायन विज्ञान के क्षेत्र में है। इससे रसायनों के माध्यम से पर्यावरण विज्ञान के क्षेत्र में काम किया जाता है।
