
तेज गर्मी के कारण सुनसान दिखाई दे रहीं सड़कें।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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उत्तर प्रदेश के मथुरा में सूरज का कोप कम होने की बजाय बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को इस सीजन का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 48.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह आठ बजे से ही गर्म हवा के झौंके चलने लगे थे, जो शाम छह बजे तक बदस्तूर जारी रहे। रात में भी लोगों को राहत नहीं मिली। न्यूनतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक अभी लू से राहत के आसार नहीं है। उधर, प्रशासन ने आम लोगों और श्रमिकों से दोपहर में काम न करने और जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है।
सुबह सात बजते ही सूरज के तेवर दिखने लगे थे, जैसे-जैसे दिन चढ़ा आसमान से अंगारे बरसने लगे। लू के थपेड़ों ने सड़कों पर निकले लोगों का बदन झुलसा दिया। घरों में कूलर नाकारा हो चुके थे।. दोपहर में सड़कों पर इक्का-दुक्का लोग ही दिखे। दुपहिया सवार अपने मुंह और सिर को पूरी तरह ढके हुए थे। इसके बावजूद गर्मी कहर ढहा रही थी।
अधिकतम तापमान सोमवार की तुलना में 1.6 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 48.6 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी तीन-चार दिन और ऐसी ही गर्मी पड़ेगी और लू चलेगी। दिन और रात के तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आएगी। ऐसे में दोपहर में घरों से बाहर निकलते वक्त सावधान रहने की जरूरत है।
नगर निगम ने चलवाई वाटर स्प्रिंकलर मशीनें
लू और भीषण गर्मी से राहत देने के लिए नगर निगम के वाटर स्पि्रंकलर मशीनें चलावाईं। होली गेट से भरतपुर गेट और अन्य जगहों पर इन मशीनों से पानी की फुहारें डालकर राहगीरों को ठंडक देने का प्रयास किया गया। इन मशीनों को चलते देखकर पैदल राहगीरों और दुपहिया सवारों के भी कदम थम गए। वे मशीनों के आसपास ही खड़े रहकर पानी की फुहारों से राहत पाने का जतन करते दिखे।
लू से बचने के लिए क्या करें
- फूल साइज के और कॉटने के पसीना सोखने वाले कपडे़ पहनें
- घरों से बाहर निकलें तो मुंह और सिर ढककर निकलें
- डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पानी का अधिकाधिक उपयोग करें
- लस्सी, सत्तू का शरबत, नारियल पानी, तरबूज आदि का सेवन करते रहें
- चाय-कॉफी से परहेज करें
- बच्चों और बुजुर्गों को घरों से बाहर नहीं निकलने दें
- किसी भी प्रकार की दिक्कत हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें
