हाईवे पर यह पानी गर्रा नदी से आया है। गर्रा और खन्नौत नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गर्रा नदी खतरे के निशान से 40 सेमी और खन्नौत नदी 30 सेमी ऊपर बह रही है। दोनों नदियों के किनारे बसी कॉलोनियों में भी पानी भर गया है। गर्रा नदी में दियूनी बैराज से पानी छोड़े जाने से शनिवार को हालात और ज्यादा बिगड़े।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के सभी वार्ड हुए लगभग खाली
राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में शुक्रवार सुबह ही गर्रा नदी का पानी पहुंच गया था। उसके बाद से ही एहतियातन कदम उठाना शुरू कर दिए गए थे। शुक्रवार सुबह 98 मरीजों को प्रथम और द्वितीय तल पर शिफ्ट कर दिया गया था। शनिवार सुबह तीमारदारों ने मरीजों की छुट्टी कराना शुरू कर दी। दोपहर 12 बजे तक वार्डों में चंद मरीज ही रह गए।
राजकीय मेडिकल कॉलेज से15-20 गंभीर मरीजों को भावलखेड़ा सीएचसी व वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज शिफ्ट करा दिया गया है। सभी वार्ड लगभग खाली हो गए हैं। कुछ मरीजों को ऑपरेशन की आगे की तारीख दे दी गई। साथ ही भावलखेड़ा सीएचसी पर 24 घंटे आकस्मिक सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज के विभिन्न वार्डों में 350 मरीज भर्ती थे।
बाढ़ से पूर्व मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे 350 मरीज
बाढ़ आने से पूर्व चार दिन पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज में करीब साढ़े तीन सौ मरीज भर्ती थे। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि बाढ़ के पानी के तेज बहाव को देखते हुए शुक्रवार दोपहर प्रथम तल पर भर्ती 98 मरीजों को दूसरी मंजिल पर शिफ्ट कर दिया गया था।




