
जेतवन परिसर स्थित आनंद बोधि की परिक्रमा करते थाईलैंड के अनुयायी।
कटरा (श्रावस्ती)। बुद्ध की तपोस्थली में रविवार को थाईलैंड से आए अनुयायियों ने प्रार्थना की। इस दौरान अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षुणी विद्यावती के नेतृत्व में आनंद बोधि व जेतवन परिसर की परिक्रमा कर विश्व शांति की कामना की। इस मौके पर बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
बौद्ध सभा के दौरान भिक्षुणी ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि हम महात्मा बुद्ध की शिक्षाओं और कथनों को अपने जीवन में उतार कर सुख-समृद्धि और सफलता प्राप्त कर सकते हैं। जीवन की कई समस्याओं से बच सकते हैं। सूर्य, चंद्रमा और सत्य यह तीन चीजें ज्यादा देर तक नहीं छुप सकतीं। तुम अपने क्रोध के लिए नहीं दंड पाओगे, तुम अपने क्रोध द्वारा दंड पाओगे। मैं कभी नहीं देखता कि क्या किया जा चुका है, मैं हमेशा देखता हूँ कि क्या किया जाना बाकी है।
हजारों साल बिना समझदारी के जीने से बेहतर है, एक दिन समझदारी के साथ जीना। घृणा को घृणा से खत्म नहीं किया जा सकता है बल्कि इसे प्रेम से ही खत्म किया जा सकता है। हम अपने विचारों से ही अच्छी तरह ढलते है, हम वही बनते है जो हम सोचते है। जब मन पवित्र होता है तो खुशी परछाई की तरह हमेशा हमारे साथ चलती है। अपने मोक्ष के लिए खुद ही प्रयत्न करें, दूसरों पर निर्भर न रहे। शारीरिक आकर्षण आंखों को आकर्षित करती है, जबकि अच्छाई मन को आकर्षित करती है। आज हम जो कुछ भी हैं, वो हमने आज तक क्या सोचा इस बात का परिणाम है। इस दौरान काफी संख्या में अनुयायी मौजूद रहे।
