देश के विकास में उद्यमिता की अहम भूमिका है। देश के करोड़ों परिवारों का भरण पोषण उद्यमी कर रहे हैं। सरकार उद्यमियों के विकास का प्रयास कर रही है। जो बैंक उद्यमियों को लोन नहीं दे रहे, उनके यहां वन विभाग की एफडी निकालेंगे। ऐसे बैंकों की सूची जिलाधिकारी दें।
देश में नवाचार से औद्योगिक विकास और संभावित चुनौतियों पर मंथन के लिए शुक्रवार को बरेली के अर्बन हाट ऑडिटोरियम में अमर उजाला की ओर से एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में ये हिदायत उत्तर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने दी। उन्होंने कहा कि बैंक लोन के आवेदन क्यों निरस्त कर रही हैं। जबरन निरस्तीकरण पर कार्रवाई होगी।
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जिलाधिकारी तैयार करें सूची
वन मंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाएं जिनमें बैंक से लोन या सब्सिडी के मामले हैं, जिलाधिकारी उनकी सूची तैयार करें। ताकि सुनवाई हो सके। देश की अर्थव्यस्था में योगदान और सेवा कर रहे उद्यमियों का सम्मान प्रत्येक कार्यालय में होना चाहिए। अगर कहीं से उत्पीड़न की सूचना मिलेगी तो कार्रवाई होगी। कहा कि प्रदेश में 27 हजार कारखाने चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से अपराध पर अंकुश लगने के बाद उद्यमिता में तेजी आई है। नोएडा में एयरपोर्ट, माइक्रो, स्मॉल, मीडियम इंटरप्राइजेज (एमएसएमई), सेमी कंडक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर आदि की कई इंडस्ट्री लग रही हैं। प्रदेश वन ट्रिलियन इकोनॉमी की ओर बढ़ रहा है।
