झांसी। करीब दो माह पहले डकैती व रंगदारी के मामले में जेल में बंद गरौठा से पूर्व विधायक दीपनारायण यादव और उनके करीबी अनिल यादव जमानत मंजूर होने के बाद बृहस्पतिवार को जेल से बाहर आ गए।

मोंठ थाने में नवंबर में पूर्व विधायक, उनके करीबी अनिल एवं अशोक गोस्वामी के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इस मामले में पूर्व विधायक एवं अनिल ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। पुलिस ने डकैती के दौरान लूटी गई रकम को बरामद करने के लिए इन दोनों को रिमांड पर भी लिया था।

आत्मसमर्पण के बाद से पूर्व विधायक ने जमानत याचिका दाखिल की थी। मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश की अदालत ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली थी। दोनों के दो-दो जमानतदार तय हुए थे। दो दिन में जमानतदारों के दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। उनकी संपत्ति का विवरण लिया गया। सत्यापन के बाद बृहस्पतिवार शाम उन्हें जेल से रिहाई दे दी गई। रिहाई की खबर मिलते ही जेल के बाहर समर्थकों की भीड़ जमा हो गई। शाम करीब 6:20 बजे दीपनारायण जेल के बाहर आए। समर्थकों ने उनके बाहर निकलने पर खुशी मनाई।

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विश्वविद्यालय बवाल मामले में भी मिली जमानत

दीपनारायण के अधिवक्ता मनीष यादव ने बताया कि बीयू परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने दीपनारायण का घेराव किया था। उस वक्त कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट का आरोप लगा था। इस मामले में भी कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है।



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