
प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
बिजली बिल फर्जीवाड़ा कांड में दो जूनियर इंजीनियर (जेई) समेत चार कर्मियों को प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने पर शनिवार को निलंबित कर दिया गया है। यह जेई एवं कर्मचारी विद्युत वितरण खंड सेस-दो के हैं। साथ ही, इस फर्जीवाड़े में पांच संविदा कर्मचारी भी फंसे, जो बिल से रकम और उतारे गए मीटर को गायब करने में अहम भूमिका निभाई, जिनकी नौकरी खतरे मे है। इन पांच संविदा कर्मियों में से एक ने ही 90 हजार रुपए में बिल की रकम को खत्म कराने का ठेका लिया था। हालांकि, इस प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी सोमवार तक गठित होगी, जो इस फर्जीवाड़े के साथ ही यह भी पता लगाएगी कि इस सिंडीकेट ने ऐसे कितने उपभोक्ताओं के बिलों से रकम को गायब किया है।
अमर उजाला ने 11 जनवरी को बिजली विभाग में फिर फर्जीवाड़े का खुलासा शीर्षक से खबर को छाप कर राजस्व और मीटर सेक्शन की सांठगांठ से चल रहे खेल की पोल खोली थी। लेसा सिस गोमती प्रथम जोन के मुख्य अभियंता रजत जुनेजा ने खबर का संज्ञान लेकर मंडल चार के अधीक्षण अभियंता रामप्रीत प्रसाद एवं सेस खंड दो के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र सिंह राजपूत को प्राथमिक जांच कराने के निर्देश दिए थे।
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शैलेंद्र सिंह ने 11 जनवरी को ही खंडीय लेखाकार विजय कुमार द्विवेदी एवं कार्यकारी एसडीओ विकास दीप की दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। इस कमेटी ने 12 जनवरी को जांच रिपोर्ट अफसरों को सौंपी तो 13 जनवरी को रामप्रीत प्रसाद के द्वारा निलंबन आदेश जारी कर दिए गए लेकिन, सबसे आश्चर्य की बात यह कि इस फर्जीवाड़े का सरगना अभी बचा है, जिसके इशारे पर मीटरों का घोटाला किया गया है।
ऐसे किया था फर्जीवाड़ा
फतेहगंज उपखंड कार्यालय में मुसीमा खातून के बिजली कनेक्शन के रिकॉर्ड में हेराफेरी करके 2.47 लाख रुपए की रकम को गायब कर दिया गया था। यहीं नहीं, उपभोक्ता के घर से जो मीटर उतारा गया था उसे परीखण खंड के रिकॉर्ड में जमा भी नहीं किया। उपखंड के लिपिक के पासवर्ड से संविदा कर्मी ने मुसीमा खातून की बीसीडी (बेसिक कंज्यूमर डाटा) ऑन की थी। इस खेल के जरिए मोटी-मोटी रकम वाले बिलों से रकम को गायब करने का खेल किया गया है।
दारोगा की शह पर जेई ने मां-बेटे पर दर्ज कराई एफआईआर
शकुंतला उपकेंद्र के जेई ललित कुमार ने अपने खास संविदा कर्मचारी के साथ उपभोक्ता मुसीमाखातून निवासी आनंद विहार डिप्टीखेड़ा के घर का निरीक्षण करके मीटर को बदलवाया था। मगर, जब फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ तो ललित ने खुद को बचाने के लिए पारा थाना के दारोगा की सलाह पर मुसीमा खातून एवं बेटे वसीम पर मीटर को गायब करने की एफआईआर दर्ज करा दी। हालांकि, जांच में ललित की पोल खुल गई।
सोमवार को आएगी दुबग्गा घोटाले की जांच रिपोर्ट
मध्यांचल निगम के बड़े अफसर ने बताया कि दुबग्गा उपखंड में बिजली बिलों की रकम से घोटाला करने वालों की जांच रिपोर्ट सोमवार को आएगी। इसमें भी मीटर सेक्शन से लेकर उपखंड तक इंजीनियर और कर्मचारी कार्रवाई की जद में आएंगे। यहां पर भी बिल रकम की हेराफेरी करने के लिए मीटर की रीडिंग को गायब किया गया, जिसमें बिलिंग कंपनी का एक रीडर और इलाकाई लाइनमैन भी शामिल है।
कौन किस कार्यालय में संबद्ध निलंबित
नाम — कार्यालय
ललित कुमार — जेई विद्युत वितरण परीक्षण खंड नौ
सुश्री मानसी — जेई विद्युत वितरण परीक्षण खंड सेस प्रथम
शंभूनाथ — जेएमटी सहायक अभियंता मीटर सेस खंड प्रथम
सुरेंद्र कुमार — लिपिक विद्युत वितरण खंड मोहनलालगंज
