Fraud in post mortem report in KGMU.

प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार


केजीएमयू की मॉर्च्युरी में पहले पोस्टमार्टम कराना हो, रिपोर्ट ठीक ढंग से बनवानी हो, शव की पैकिंग के सामान से लेकर पुलिस चौकी से पंचनामा संबंधित सभी पेपर सेटिंग से बनवाने हो तो सुविधा शुल्क दीजिए, आपका काम हो जाएगा। यह हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि केजीएमयू के एक कथित कर्मचारी का कहना है। इस कर्मचारी का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें यह किसी पीड़ित से बात करते हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खेल कराने का दावा कर रहा है। इस ऑडियो के वायरल होने से केजीएमयू में जमकर फजीहत हो रही है। प्रस्तुत है कथित कर्मचारी व मृतक के परिजन के बीच हुई बातचीत के कुछ अंश।

कथित कर्मचारी अवस्थी : तुम अब फोन नहीं उठा रहे हो, गलत बात है।

परिजन : पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लिखवा दो जो मन हो, हमारे पास पास पैसा नहीं है।

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कथित कर्मचारी : काम न होता तब समझ में आता सबको।

परिजन : मरीज इलाज कराए तब पैसा दे, मर जाए फिर पैसा दे।

कथित कर्मचारी : काम के लिए तुरंत पैसा ले लिया जाता है।

परिजन : हम लग रहा है कि पैसा रखे हैं, जब होगा तब भेज दूंगा।

कथित कर्मचारी : पैसा कब मिल जाएगा, ये बताओ।

परिजन : अभी पैसा नहीं है, और हम अब डॉक्टरों पर मुकदमा लिखाएंगे।

कथित कर्मचारी : किस डॉक्टर पर मुकदमा लिखवा दोंगे, खाली बात कर रहे हो।

परिजन : रुको हम सीएमओ साहब से बात कर रहे हैं रखो फोन।

यह है मामला: सुल्तानपुर हाईवे पर गत 17 फरवरी को सड़क हादसे में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे अयोध्या के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां हालत नाजुक होने पर उसे केजीएमयू ट्रॉमा रेफर कर दिया गया। 18 फरवरी को घायल की ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों में शामिल एक युवक ने बताया कि मृतक कभी-कभार शराब का भी सेवन कर लेता था। इसको लेकर वह लोग आपस में चर्चा कर रहे थे, तभी एक युवक उनके पास आया। उसने खुद को केजीएमयू का कर्मचारी बताया और कहा कि उसे मॉर्च्युरी में सब जानते है। कोई भी काम होगा तो तुरंत हो जाएगा।

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परिजनों ने बताया कि कथित कर्मचारी ने कहा कि उसने शव का परीक्षण किया है। युवक घटना के समय शराब पीए था। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों से सेटिंग करके रिपोर्ट ठीक हो जाएगी। आरोपी ने 20 हजार रुपये की मांग की। बाद में सौदा 10 हजार रुपये तय हुआ। झांसे में आए परिजनों ने दो हजार रुपये दे भी दिए। आठ हजार रुपये घर पहुंचकर ऑनलाइन भेजने की बात हुई। इसके बाद आरोपी बची रकम डॉक्टरों को देने का हवाला देकर मांग रहा था। रुपये न मिलने की स्थिति में धमकी भी दे रहा था। इसी का ऑडियो वायरल हुआ है।

मामले में सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने कहा कि यह मामला हमारे क्षेत्र से बाहर है। इसके लिए केजीएमयू प्रशासन को अवगत कराया जाएगा।

एसीपी चौक राजकुमार सिंह ने कहा कि मामले की जांच होगी, इसमें किसी भी पुलिसकर्मी की संलिप्तता मिली तो उस पर कार्रवाई होगी।

केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह कहना है कि केजीएमयू का कोई भी कर्मचारी इसमें शामिल हुआ तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मामला बेहद संवदेनशील है।



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