Fraudsters became active before land acquisition on Bisalpur-Shahjahanpur highway

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


बीसलपुर-शाहजहांपुर हाईवे के लिए भू अधिग्रहण से पहले ही घपलेबाज सक्रिय हो गए हैं। अधिसूचना जारी होने के साथ ही जमीन खरीदकर उन पर निर्माण भी करा दिए गए हैं। किसानों का कहना है कि बीते एक साल में कई बाहरी लोगों ने उनकी जमीन खरीदी है। बड़ा सवाल यह है कि खरीदारों को हाईवे के लिए लिए जाने वाले गाटा संख्या की जानकारी कैसे हुई? विस्तृत जांच हो तो यहां भी कई राज खुलेंगे। गनीमत यह है कि यहां अभी किसी को मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया है।

Trending Videos

 

अब तक सामने आए मामलों में एलाइनमेंट लीक किए जाने की बात सामने आ रही है। बीसलपुर-शाहजहांपुर हाईवे के मामले में भी एलाइनमेंट की जानकारी होने के बाद ही पेशेवर खरीदारों के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। भू-उपयोग बदलवाने के लिए अस्थायी स्ट्रक्चर खड़े करके अधिक मूल्यांकन की तैयारी की गई है, लेकिन उक्त हाईवे के लिए अधिग्रहण के अवॉर्ड होने से पहले ही मामले खुल गए हैं। लोकायुक्त के यहां इसकी शिकायत भी की गई है।

जानकारों का कहना है कि एलाइनमेंट लीक होने के बाद पीलीभीत जिले की बीसलपुर तहसील के ग्यासपुर गांव निवासी किसानों से लखनऊ, बरेली और रुद्रपुर के लोगों ने भूमि खरीदी है। इसके बाद अधिक मुआवजा हासिल करने के लिए वहां अस्थायी निर्माण भी शुरू करा दिया है। शिकायतकर्ता ने खरीदारों के नाम तक बता दिए हैं। जिन खरीदारों के नाम सामने आ रहे हैं, वे उन्हीं 19 लोगों की सूची में शामिल हैं जिन्होंने बरेली-सितारगंज हाईवे पर अधिग्रहण की पहली अधिसूचना के बाद जमीन खरीदकर अधिक मूल्यांकन करवाकर घोटाला किया है। 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *