आगरा। शहर में ओसवाल बुक फाउंडेशन की तरह कई अन्य संस्थाएं और पहल भी जरूरतमंदों को सस्ता या मुफ्त भोजन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ये संगठन समाज के वंचित वर्गों के लिए आशा की किरण बनकर उभरे हैं, जो पौष्टिक भोजन की तलाश में रहते हैं। इन पहलों का उद्देश्य भुखमरी को कम करना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी भूखा न सोए।

आगरा में भोजन सेवाएँ और संस्थाएँ जरूरतमंदों की मदद के लिए विभिन्न तरीकों से काम कर रही हैं। रॉबिन हुड आर्मी स्वयंसेवकों के माध्यम से स्थानीय रेस्टोरेंट्स से बचा हुआ अतिरिक्त भोजन एकत्र कर बेघर लोगों, अनाथालयों और अस्पतालों में वितरित करती है। यह एक अनूठी पहल है जो भोजन की बर्बादी को रोकती है और जरूरतमंदों तक पहुंचाती है।

बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान

अक्षय पात्र फाउंडेशन आगरा के लगभग 675 आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को पौष्टिक मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार लाने का प्रयास कर रहा है। यह सुनिश्चित करता है कि बच्चों को स्कूल में ही गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले, जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए आवश्यक है।

किफायती दरों पर भोजन की उपलब्धता

पेपहैंड्स फाउंडेशन मात्र ₹32 में बेघर और जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन दान करने की सुविधा प्रदान करता है और नियमित रूप से भोजन वितरण अभियान चलाता है। इसी तरह, चेंज विद वन फाउंडेशन भी कई वर्षों से जरूरतमंदों को मात्र ₹10 में भरपेट भोजन उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। ये संस्थाएं दर्शाती हैं कि थोड़ी सी मदद से भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

स्थानीय टिफिन सेवाओं का योगदान

इसके अतिरिक्त, आगरा में कई स्थानीय टिफिन सेवाएँ भी हैं जो कम कीमत पर (₹40-₹80) घर जैसा भोजन उपलब्ध कराती हैं। हॉमी मील प्रीति’स किचन और दिव्या टिफिन सर्विस जैसी सेवाएं कामकाजी लोगों और छात्रों के लिए एक किफायती विकल्प प्रदान करती हैं, जो गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन की तलाश में रहते हैं। ये सभी प्रयास मिलकर आगरा को एक ऐसे शहर के रूप में स्थापित करते हैं जहाँ जरूरतमंदों की मदद के लिए एक मजबूत सामाजिक ताना-बाना मौजूद है। -सचिन



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