
जगदीशपुर में संतोष का शव घर पहुंचने पर रोते परिजन।
अमेठी सिटी। कन्नौज जिले में हुए सड़क हादसे में जान गवांने वाले अमेठी के दोनों चालक व एक युवक के शवों का शनिवार को उनके गांवों के श्मशान घाटों पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। तीनों गांवों में चीत्कार गूंज उठी। संबंधित थानों की पुलिस भी मौजूद रही।
कन्नौज जिले गुरसहायगंज इलाके में हुए हादसे के बाद गौरीगंज थाना क्षेत्र के बरियार बिसियन मजरे दूलापुर कलां गांव निवासी प्रशांत (25) पुत्र पवन सिंह का भोर पहर शव गांव पहुंचा। मृतक के चाचा सोनू सिंह शव लेने गए थे। शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। परिवार के लोग शव से लिपट कर रोए। परिजनों की करूणा देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
दोपहर को प्रशांत के शव का गांव के पास अंतिम संस्कार किया गया। प्रशांत गुड़गांव में नौकरी करता था। उसकी शादी की तैयारियां थीं, लेकिन परिवार के लोगों की खुशियां गम में बदल गईं। उसके अंतिम संस्कार में परिजन, रिश्तेदारों के अलावा काफी संख्या में ग्रामीण भी शामिल थे।
जगदीशपुर के मोहम्मदपुर मजरे सरेसर गांव निवासी चालक संतोष वर्मा (38) का शव सुबह गांव पहुंचा था। यहां पहले से ही ग्रामीण व रिश्तेदार मौजूद थे। शव पहुंचते ही गांव में कोहराम सा मच गया। परिजन शव पहुंचते ही दहाड़े मार रोने लगे। रिश्तेदारों ने परिजनों को समझाया। दोपहर को संतोष के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मोहनगंज थाने के रमईपुर गांव निवासी सोनू शर्मा (23) को के शव को उसके चाचा ने मुखाग्नि दी। सोनू के परिजन भोर पहर करीब चार बजे शव लेकर गांव पहुंचे थे। उसकी मां बसंती देवी बेटे के शव को देखकर बेहोश हो गई। काफी देर बाद उसे होश आया तो वह शव से लिपट कर रोने लगीं। लोग उन्हें समझा रहे थे, लेकिन बेटे के गम के आगे किसी की नहीं सुन रही थीं। गांव के लोग भी गमजदा था। दोपहर को सोनू के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
