कासगंज। गंगा की रौद्र लहरों ने पटियाली क्षेत्र के गंगा के तटीय इलाकों में बड़ी तबाही मचाई है। यहां मूंजखेड़ा पर गंगा की लहरों से सडक़ कट गई। जिससे दस गांव का आवागमन प्रभावित हुआ है। वहीं गंगा की रौद्र धारा ने नगला खंदारी, नेथरा के बांध को करीब 200-250 मीटर इलाके तक कटान कर दिया है। जिससे गंगा का पानी आबादी की ओर कभी भी पहुंच सकता है। आपदा की स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारी कटान रोकने की कवायद में जुटे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिली। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर जायजा लिया है।
सोमवार को गंगा में काफी उफान था। गंगा के इस उफान से मूंज खेड़ा, राजेपुर कुर्रा इलाके की सडक़ पर कटान शुरू हुआ। रातों रात कटान से पूरी सडक़ कट गई। इससे स्थिति भयावह हो गई। गंगा का पानी चारों ओर फैलने लगा। इससे लोगों को परेशानी होने लगीं। गांव की आबादी तक पानी की दस्तक होने लगी। इस सडक़ के कटने से मूंजखेड़ा, नगला दुरजन, नगला नरपत, जयकिशन, नगला खना, नगला पदम, राजेपुर कुर्रा सहित नरदौली की ओर जाने का रास्ता कट गया। रास्ता कट जाने से अब इस मार्ग से न ट्रैक्टर ट्रॉली निकल सकती है और न कोई अन्य वाहन। मूंजखेड़ा व आस पास के खेतो की फसलों में भी पानी भर गया है। वहीं सबसे बड़ी आपदा नगला खंदारी नेथरा में सामने आई। यहां गंगा की रौद्र धार ने काफी तीव्रता से कच्चे बांध पर कटान किया। बांध का 200-250 मीटर का हिस्सा कट गया। पूर्व में कराए गए कटानरोधी कार्य भी गंगा की रौद्रधारा के वेग में बह गए। मौके पर किए जा रहे कटानरोधी कार्य भी लगातार गंगा की धारा में बहते जा रहे हैं। जिसके कारण कटान पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा। सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर जुटे हैं। नगला खंदारी की दूसरी साइड की ओर से पानी रोकने के लिए कोशिश की जा रही है जिससे गांव में गंगा का पानी न भर सके। मंगलवार की रात को सिंचाई विभाग काफी संवेदनशील मान रहा है क्योंकि गंगा का रौद्र रूप नहीं थमा तो बांध को तेजी से और अधिक क्षति हो सकती है। इससे नगला खंदारी की आबादी की ओर पानी बढ़ सकता है और आस पास के गंाव प्रभावित हो सकते हैं। भयावह हालात को देखते हुए नगला खंदारी, नेथरा व आस पास के लोग चिंतित हैं। पूरे दिन बांध पर ग्रामीणों का तांता लगा रहा। खंदारी नगला के ईश्वरीय, कंचन, लाड़ले, पप्पू, दुलारे के खेतों तक पानी पहुंच गया है। आवागमन को लेकर भी लोग परेशान हैं।
एडीएम, एसडीएम पहुंचे मौके पर
कासगंज। मूंजखेड़ा और नेथरा में बांध और सडक़ के कटान की सूचना पर एडीएम राकेश पटेल, एसडीएम पटियाली कुलदीप कुमार व अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सिंचाई विभाग को तत्काल कटान रोकने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि रात में भी बांध की मरम्मत का कार्य निरंतर जारी रखा जाए। जिससे आपदा की स्थिति न बन सके। राजस्व कर्मियों को भी मौके पर मौजूद रहने के एडीएम ने निर्देश दिए।
जलस्तर में 25 सेंटीमीटर गिरावट के बाद कटान हुआ तेज
कासगंज। पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 25 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को गंगा का जलस्तर कछला ब्रिज पर 163.60 मीटर के निशान पर था। वहीं मंगलवार को यह जलस्तर घटकर 163.35 मीटर के निशान पर आ गया। हरिद्वार, बिजनौर और नरौरा बैराज से डिस्चार्ज भी कम हो गया। जलस्तर कम होने के बाद ही गंगा की रौद्र धारा ने कटान का सिलसिला तेज कर दिया। अभी जलस्तर में और कमी के आसार हैं। क्योंकि बैराजों से पानी कम हुआ है।
नगला दल पर कटान रोकने में मिली सफलता
कासगंज। सदर तहसील क्षेत्र के गांव नगला दल में दो दिन पूर्व गंगा के उफान के बाद कटान की स्थिति पैदा हुई। समय से कटान की स्थिति की जानकारी सिंचाई विभाग को हुई। लगातार 48 घंटे बांध की मरम्मत का काम किया गया और अब नगला दल पर कटान पर नियंत्रण पाया गया है, लेकिन बांध की मजबूती के लिए निंरतर कार्य जारी है। यहां कटान रोकने का कार्य देख रहे अभियंता संजय शर्मा ने बताया कि नगला दल का कटान नियंत्रण में है।
बैराजों से पानी का डिस्चार्ज-
– हरिद्वार- 83682 क्यूसेक।
– बिजनौर- 42735 क्यूसेक।
– नरौरा- 115180 क्यूसेक।
– कछला ब्रिज- 163.35 मीटर के निशान पर।
– गंगा का जलस्तर अब कम होने लगा है। मूंजखेड़ा में सडक़ कटने के मामले में सडक़ की मरम्मत के लिए लोकनिर्माण विभाग को निर्देशित किया गया है। वहीं नगला ख्ंादारी पर कच्चे बंाध के कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग की टीमें जुटी हैं। एडीएम व अन्य अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई हैं। – मेधा रूपम, डीएम
