Gang getting home loans from banks using fake documents exposed

एसटीएफ की गिरफ्त में आरोपी।

लखनऊ। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने जाली दस्तावेज तैयार कर बैंकों से होम लोन लेने वाले गिरोह का राजफाश किया है। एसटीएफ ने गिरोह के चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपी अभी तक पांच करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं। एसटीएफ गिरोह के अन्य ठगों की तलाश कर रही है।

एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह के मुताबिक काफी दिनों से फर्जीवाड़े की सूचना मिल रही थी। इसके बाद एसटीएफ में इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडेय के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। टीम ने विभूतिखंड से फर्जीवाड़े के आरोपी दुबग्गा निवासी मो. आरिफ, जूते वाली गली अमीनाबाद निवासी मो. वाशिल, सिरकोहिया, सीतापुर के महमूदाबाद निवासी शिव प्रताप सिंह व आलमनगर निवासी अर्पित श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से 13 मोबाइल फोन, जाली आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, दो बुलेट मोटर साइकिल व एक कार बरामद की गई है।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे प्राॅपर्टी के कूटरचित अभिलेख तैयार करते थे। इसके बाद फर्जी लोगों के माध्यम से बैंक ऑफ महाराष्ट्र, जम्मू एंड कश्मीर बैंक, यूको बैंक व अन्य में खाता खुलवाते थे। फर्जी विक्रेता से जमीन की रजिस्ट्री कराकर उसी प्रॉपर्टी पर होम फर्स्ट, पिरामल, गृृह शक्ति हाउसिंग, हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस, किप्स हाउसिंग फाइनेंस व अन्य से होम लोन ले लेते थे।

कर्मचारियों की मिलीभगत भी उजागर

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि हाउसिंग लोन कंपनियों, बैंकों के सर्वेयर व अन्य कर्मचारियों से मिलकर वे लोन पास करा लेते थे। इसके बाद रकम आपस में बांट लेते थे। कुछ दिन तक किस्त जमा करते थे, ताकि शक न हो। इसके बाद किस्त जमा करना बंद कर ठिकाना बदल लेते थे। गिरोह ने अब तक 33 फर्जी तरीके से होम लोन कराया है। इसमें होम फर्स्ट हाउसिंग से 18, पिरामल फाइनेंस से 10, गृृह शक्ति व किप्स हाउसिंग फाइनेंस से करीब पांच लोन करवाए हैं। इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडेय के मुताबिक आरोपियों पर विभूतिखंड थाने में एफआईआर दर्ज है। आरिफ पर हजरतगंज व वाशिल पर वजीरगंज थाने में एक-एक मुकदमा है।



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