कासगंज। गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव का क्रम निरंतर जारी है। पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की वृद्धि कछला ब्रिज पर दर्ज की गई। नरौरा से 63 हजार क्यूसेक बढ़ गया। गंगा के जलस्तर में वृद्धि देखते हुए सिंचाई विभाग सतर्क है। वहीं तटीय इलाकों के ग्रामीण चिंतित हैं। क्योंकि खादर में लगातार गंगा का पानी बढ़ता जा रहा है।

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सोमवार को कछला ब्रिज पर गंगा का जलस्तर 163.25 मीटर पर था। जो मंगलवार को 20 सेंटीमीटर बढकऱ 163.45 मीटर के निशान पर पहुंच गया। हरिद्वार और बिजनौर का डिस्चार्ज सेामवार के मुकाबले कुछ कम हुआ, लेकिन मंगलवार को नरौरा बैराज से 63000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, इसके बाद गंगा के जलस्तर बढ़कर 1.40 लाख क्यूसेक पहुंच गया। जलस्तर बढऩे का कारण पहाड़ों पर हुई बारिश रहा। अभी और जलस्तर बढ़ेगा। क्योंकि नरौरा के बढ़े हुए डिस्चार्ज का असर 11 से 12 घंटे में कछला ब्रिज पर पहुंचता है।

जिले के 70 गांव की खादर तक पानी की दस्तक पहुंची है। जिले के लो फ्लड के लिए संवेदनशील गांव महमूदपुर पुख्ता, परमौरा पुख्ता, बनुपुर खाम, इकलहरा पुख्ता, दतलाना, खड़ैरी, मनिकापुर, चंदवा, सनौड़ी, पीरनगर, रिजौला खुर्द, नदरौली खाम, हिम्मतपुर बझेरा, किलौनी, देवकली सहित आस पास के गांव की खादर तक गंगा के पानी की दस्तक पहुंची है।

यदि गंगा के जलस्तर में निरंतर वृद्धि का क्रम जारी रहा तो जिले में तटीय गांव तक बाढ़ की तबाही पहुंच जाएगी। फिलहाल खादर तक ही गंगा के पानी की दस्तक है। जिससे बाढ़ जैसी विषम परिस्थिति से ग्रामीण बचे हैं। जुलाई से लेकर अब तक कई बार ऐसी स्थिति बनी है, लेकिन जलस्तर दो-तीन दिन के बाद सामान्य होने लगता है। अभी अगस्त माह का पूरा समय बाढ़ के लिए संवेदनशील माना जा रहा है।

सिंचाई विभाग सतर्क, निरंतर बांधों की निगरानी की जा रही है।

जलस्तर में उतार चढ़ाव बरौना के लिए संवेदनशील

कासगंज। कटान पीडि़त गांव बरौना के लिए गंगा के जलस्तर में बार बार हो रहा उतार चढ़ाव संवेदनशील है। क्योंकि गंगा जब बढऩे के बाद घटती है तो कटान का खतरा बढ़ जाता है। बरौना तटबंध का कार्य देख रहे सिंचाई विभाग के अभियंता खूब सिंह का कहना है कि तटबंधों पर गंगा की लहरों की ठोकरें लग रही हैं। जब बढ़ा हुआ पानी उतरेगा तो कटान का खतरा बढ़ेगा। फिलहाल गंाव पूरी तरह से सुरक्षित है।

नगला जयकिशन में ग्रामीणों को हो रहीं दिक्कतें

कासगंज। गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर नगला जयकिशन, सनौड़ी मार्ग पर आवागमन के लिए मुसीबत बन गया है। क्योंकि पिछले वर्ष बाढ़ में सनौड़ी पर गंगा का पुल टूट गया था। जो करीब एक वर्ष के बाद भी नहीं बन पाया है है और यहां गंगा की धारा से चारों ओर पानी भर गया है। जिससे ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। ग्रामीणों को सीमावर्ती जनपद फर्रुखाबाद के गांव बादामनगला के मार्ग से होकर निकलना पड़ रहा है।

बैराजों से पानी का डिस्चार्ज-

– हरिद्वार- 92396 क्यूसेक।

– बिजनौर- 96665 क्यूसेक।

– नरौरा- 140452 क्यूसेक।

– कछला ब्रिज- 163.45 मीटर के निशान पर।

– गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो हरी है। पहाड़ों पर बारिश के कारण बैराजों से डिस्चार्ज बढ़ गया है। फिलहाल लो फ्लड की स्थिति बनी हुई है। सिंचाई विभाग निरंतर निगरानी कर रहा है।- शेर सिंह, अधिशासी अभियंता, सिंचाई।



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