उच्च न्यायालय का आदेश रखा बरकरार, दो साल है जेल में बंद, कई संगीन मामले हैं दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। दो साल से जेल में बंद गैंगस्टर गुलशन यादव उर्फ गुलाब सिंह यादव को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिल पाई है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए गुलशन की ओर से जमानत के लिए दाखिल की गई विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी है, जिससे फिलहाल उसे जेल में ही रहना होगा।
ग्वालटोली निवासी आकाश यादव ने गुलशन यादव के खिलाफ मई 2022 में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें उस पर अपहरण करने, मारपीट करते हुए जहर पिलाने और रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद हुई पड़ताल में गुलशन का करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर कब्जा पाया गया था।
प्रशासन ने सरकारी संपत्ति को कब्जा मुक्त कराया था। साथ ही उस पर संगीन अपराधों से जुड़े लगभग 40 मुकदमे दर्ज पाए गए थे। तब से वह जेल में ही बंद है। पहले उसे झांसी जेल में रखा गया था। इसके बाद वह मार्च 2023 से आगरा जेल में बंद है। निचली अदालत ने जमानत न मिलने के बाद गुलशन की ओर से हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया था।
अब उसने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से भी उसे राहत नहीं मिल पाई। मुकदमे के वादी आकाश यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में दिए गए आदेश में हस्तक्षेप न करने की बात करते हुए गैंगस्टर गुलशन यादव की ओर से जमानत के लिए दाखिल की गई विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी है।
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अतीक से संबंध भी हुए थे उजागर
गैंगस्टर गुलशन यादव जरायम की दुनिया का बड़ा नाम था। इसके अलावा राजनीति में भी उसकी गहरी दखल थी। अपने दबदबे के चलते वह समाजवादी पार्टी की सरकार में पार्षद चुना गया था और इसके बाद नगर निगम का उप सभापति तक बन गया था। माफिया सरगना अतीक अहमद से भी उसके संबंध उजागर हुए थे।
