संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Mon, 18 Nov 2024 12:35 AM IST
उरई। जिला महिला अस्पताल की एसएनसीयू में वेंटीलेंटर न होने के कारण हमीरपुर जिले से आई एक बच्ची को रेफर कर दिया गया। कानपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। झांसी मेडिकल कॉलेज में अग्निकांड का असर जिला अस्पताल के एसएनसीयू पर भी पड़ रहा है।
हमीरपुर जिले के सरीला क्षेत्र के पुरैनी गांव निवासी रामफल की पत्नी प्रेमवती ने शनिवार सुबह नौ बजे सरीला के अस्पताल में बेटी को जन्म दिया। रामफल ने बताया कि बेटी का वजन दो किलो था। चिकित्सक के मुताबिक, बच्ची को सांस लेने में दिक्कत थी, इसलिए उन्हें उरई जाने की सलाह देकर रेफर कर दिया। वह दो बजे बेटी को लेकर उरई के महिला अस्पताल स्थित एसएनसीयू में लेकर पहुंचे।
ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. कुद्दूस ने बेटी की हालत गंभीर बताते हुए कानपुर ले जाने की सलाह दी। उसने आरोप लगाया कि चिकित्सक ने ठीक से इलाज नहीं किया। झांसी मेडिकल कॉलेज में हादसा होने की वजह से उसे झांसी की बजाय कानपुर जाने के लिए कहा यगा। वह एंबुलेंस से हैलट अस्पताल, कानपुर पहुंचे। आरोप लगाया कि वहां भी ठीक से इलाज नहीं हुआ और बेटी की मौत हो गई। सीएमएस डॉ. सुनीता बनौधा का कहना है कि एसएनसीयू में वेंटीलेटर न होने के कारण चिकित्सक ने बच्ची को कानपुर रेफर किया था। उसे सरकारी एंबुलेंस से भिजवाया गया था।