अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ाई के मामले में बेटों की तुलना में बेटियां आगे हैं। जिले के 1452 विद्यालयों में 68989 छात्राएं और 67190 छात्र अध्ययनरत हैं। स्कूलों में बेटियों की संख्या लगभग 51 फीसदी है।
सरकार ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा दिया है। इसका असर भी दिख रहा है। एक तरफ जहां झांसी में बेटियों का जन्म के समय लिंगानुपात बढ़ा है। वहीं, दूसरी तरफ बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में छात्रांकन के मामले में छात्राओं की संख्या भी अधिक है। जिले में बेसिक शिक्षा परिषद के 1452 विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक प्रवेश होते हैं। मौजूदा वित्तीय वर्ष में इन स्कूलों में 136179 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इसमें छात्रों की तुलना में छात्राओं का प्रवेश लगभग 51 फीसदी है।
कक्षा दो, तीन, चार और पांच में छात्रों की संख्या अधिक है। वहीं, कक्षा एक, छह, सात और आठ में छात्राओं की संख्या अधिक है। आंकड़ाें से स्पष्ट है कि पांचवीं के बाद जैसे-जैसे कक्षाएं बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे छात्राओं की संख्या भी बढ़ती जा रही है। एडी बेसिक अरुण शुक्ला का कहना है कि जनजागरूकता के कारण बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में छात्राओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
:::
ये है प्रवेश की स्थिति
……………………..
कक्षा छात्र छात्राएं
एक 10230 10516
दो 5850 5800
तीन 9542 9384
चार 9089 8947
पांच 9023 8853
छह 7343 7917
सात 7896 8540
आठ 8217 9032
::::
फोटो..
लिंगानुपात बढ़ना बड़ा परिवर्तन
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मंडलीय परियोजना प्रबंधक आनंद चौबे ने कहा कि लिंगानुपात की खाई पाटने के लिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्ष 2019-20 में हुए नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे-5 के अनुसार झांसी में बेटियों का जन्म के समय लिंगानुपात बढ़कर 927 (प्रति एक हजार लड़कों के जन्म की तुलना में) हो गया है। जो वर्ष 2014-15 में हुए एनएचएफएस-4 में 815 था। यह एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन है।
