जालौन। शारदीय नवरात्र में नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाली देवी मां की झांकियों में स्थापित होने वाली प्रतिमाओं में विभिन्न रूपों में देवी मां की मूर्तियों को मूर्तिकार अंतिम रूप दे रहे हैं। इस बार पांच से दस फीट तक मां की प्रतिमाएं बनाई जा रही हैं। 22 सितंबर को देवी पांडालों में मूर्तियों की स्थापना की जाएगी।

नगर के दो स्थानों पर मूर्तियों को तैयार किया जा रहा है। मूर्तिकार श्याम कुशवाहा और लक्खा द्वारा बनाई जा रही मूर्तियों की स्थापना नवरात्र में नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित की जाएगी। जानकार लोग दूर-दूर से यहां मूर्तियों को लेने आते हैं। मूर्तिकार द्वारा प्रकृति व पर्यावरण के अनुरूप मूर्तियों को बनाने का कार्य महीनों पहले से प्रारंभ हो जाता है। वर्तमान में मूर्तियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

मूर्तिकार लक्खा ने बताया कि इस बार दुर्गा पंडाल भव्य तरीके से सजाए जा रहे हैं। इसलिए इस बार पांच फीट से लेकर दस फीट तक की देवी मां की आधा सैंकड़ा से अधिक मूर्तियां तैयार की जा रही हैं। मूर्तियों की कोई कीमत निर्धारित नहीं की जाती है। भक्त और मूर्तिकार एक न्योछावर तय कर लेते हैं, जिसके बाद न्योछावर देकर भक्तगण मूर्तियों को अपने साथ ले जाते हैं। उन्होंने बताया कि इन मूर्तियों को घास-फूस, लकड़ी, मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से तैयार किया जाता है। इन मूर्तियों को तैयार करने में उनके अलावा साथी कलाकार छाया, आकाश सक्सेना, प्रिंस सक्सेना, आशुतोष कुशवाहा, रितिक साहू, निखिल, अरविंद, राम कुशवाहा भी दिन-रात मेहनत कर सहयोग कर रहे हैं। यह मूर्तियां नवरात्र में नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित पांडालों में विराजमान होंगी। मूर्ति स्थापना के बाद देवी भक्तों द्वारा देवी मां की मूर्तियों का अद्भुत श्रृंगार भी किया जाएगा। नवरात्र का यह पर्व दशहरा को मूर्ति विसर्जन के बाद समाप्त हो जाता है।



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