
महंगा होने के बाद भी बढ़ी है खपत
– फोटो : एएनआई (फाइल)
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महंगा होने के बावजूद भी लोगों में सोने के प्रति मोहपाश में कोई कमी नहीं आई है। यही वजह है कि पिछले एक साल में सोने की मांग 46 फीसदी बढ़ी है। वजह है- किसी भी हालात में सोने ने कभी धोखा नहीं दिया। 2008 की आर्थिक मंदी में जब सारे सेक्टर धराशायी थे, सोने ने 8 फीसदी का रिटर्न दिया। इसमें निवेश का फायदा इसी से समझा जा सकता है कि आपकी दादी ने 1950 में जो दस ग्राम सोना 99 रुपये का खरीदा था, जो 74 साल बाद 75000 रुपये प्रति दस ग्राम के आंकड़े को पार कर गया है। यानि सोने ने अब तक 700 गुना से ज्यादा का रिटर्न दिया है।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सोने की मांग इस साल जनवरी से मार्च के दौरान 20 फीसदी बढ़ गई। जबकि इसी दौरान सोना करीब 12 फीसदी तक महंगा भी हुआ। इन तीन महीनों में भारतीयों ने 75 हजार करोड़ रुपये का सोना खरीद लिया। इसमें से करीब 11 हजार करोड़ का सोना यूपी में बिक गया।
तीन माह में बिका 136.6 टन सोना
सालाना रिपोर्ट गोल्ड डिमांड ट्रेंड्स क्यू-2024 के मुताबिक इस साल जनवरी से मार्च में सोना 136.6 टन बिका। एक साल पहले इस अवधि में 126.3 टन सोना बिका था। इसमें गहनों की हिस्सेदारी 95.5 टन है। साफ है कि भारतीयों का सोने से भावनात्मक लगाव है। सिक्का, गिन्नी, बुलियन के रूप में निवेश आज भी भारत में काफी कम है। गाढ़े वक्त में सोना ही काम आया है। बढ़ती कीमतों के बावजूद बढ़ती खरीदारी इसी का परिणाम है।
