झांसी। विदेश से करोड़ों रुपये के सोना तस्करी के तार झांसी से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को पहली दफा जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) टीम ने झांसी में मानिक चौक स्थित जयश्री ज्वैलर्स शोरूम में छापा मारा। टीम के पहुंचते ही वहां हंगामा शुरू हो गया। टीम को कारोबारियों ने बाहर रोक लिया। व्यापारी नेताओं के साथ टीम के सदस्यों की तीखी नोकझोंक हुई। सदस्यों के परिचय पत्र दिखाने के बाद व्यापारी शांत हुए। देर-रात तक टीम प्रतिष्ठान में मौजूद लैपटॉप एवं बही-खाते खंगालने में जुटी रही। सोने-चांदी के जेवरातों की तौल भी कराई गई। कार्रवाई के दौरान किसी कर्मचारी को बाहर जाने नहीं दिया गया। आधी रात के बाद तक कार्रवाई चलती रही।

मानिक चौक निवासी लखन अग्रवाल का जयश्री ज्वैलर्स नाम से प्रतिष्ठान है। शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे डीजीजीआई टीम के एक दर्जन सदस्य मानिक चौक स्थित प्रतिष्ठान के बाहर जा पहुंचे। प्रतिष्ठान खुलते ही सदस्य धड़धड़ाकर अंदर जा पहुंचे। यह देख प्रतिष्ठान के कर्मचारी घबरा उठे। बाजार में खलबली मच गई। बड़ी संख्या में सराफा कारोबारी जमा हो गए। सराफा कारोबारी अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल भी आ गए। स्थानीय जीएसटी अधिकारियों को न देख कारोबारियों ने विरोध शुरू कर दिया। टीम के सदस्यों ने समझाने की कोशिश की लेकिन कारोबारी मानने को राजी नहीं हुए। आखिरकार सदस्यों ने वारंट समेत परिचय पत्र दिखाए तब जाकर व्यापारी नेता शांत हुए। उधर, छापे की खबर लगते ही कारोबारी लखन अग्रवाल के पुत्र भी पहुंच गए। टीम ने प्रतिष्ठान के शटर गिराकर सर्च अभियान शुरू किया। वहीं, सराफा कारोबारी लखन अग्रवाल ने कहा कि स्वास्थ्य कारणों से वह अस्पताल में हैं। इस वजह से वह कुछ भी कह पाने की स्थिति में नहीं हैं।

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14 दिन पहले भाई के प्रतिष्ठान में पड़ चुका छापा

सराफा कारोबारी लखन अग्रवाल के भाई जय प्रकाश अग्रवाल के प्रतिष्ठान में सीजीएसटी टीम ने 21 नवंबर को छापा मारा था। इस दौरान जयप्रकाश के प्रतिष्ठान के खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड खंगाले गए थे। टर्नओवर के सापेक्ष बेहद कम नकद टैक्स जमा होने पर टीम ने मौके पर 20 लाख रुपये जमा कराए थे। छानबीन के लिए टीम अपने साथ कई दस्तावेज साथ ले गई थी। इसकी छानबीन अभी चल रही है।

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15 करोड़ के बरामद हुए सोने से मिला था सुराग

झांसी। डीजीजीआई टीम ने 11 नवंबर को मुंबई में 11 तस्करों को पकड़ने के साथ उनसे 11.88 किलो सोना (लगभग 15 करोड़ रुपये) और चांदी पकड़ा था। मास्टर माइंड समेत एयरपोर्ट स्टाफ इसमें शामिल था। तस्करों ने बताया था कि दुबई, सिंगापुर, बैंकॉक और ढाका से ट्रांजिट यात्रियों के जरिये सोना यहां लाते हैं। सोने को कैप्सूल में निगल जाते हैं। यहां लाने के बाद सोने को पिघलाकर उसे वीएस गोल्ड और आरजी जैसे निशान लगाकर बेचा जाता है। इस अवैध सोने की झांसी में भी खपत है। तस्करों के जरिये झांसी के कारोबारियों के नाम मालूम चले थे।



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