
सीलिंग की कार्रवाई करती पुलिस
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अवैध रूप से शहर में शत्रु संपत्ति पर कब्जा करके रह रहीं नगर पालिका परिषद गोंडा की अध्यक्ष उज्मा राशिद को प्रशासन ने आखिरकार बेदखल ही कर दिया। अध्यक्ष उज्मा राशिद ने किराएदार के रूप में शत्रु संपत्ति को लिया और फिर उसका नक्शा पास कराकर मकान का निर्माण करा लिया।
नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष व सपा नेता उज्मा को घर खाली करने के लिए बेदखली की नोटिस बीते चार मार्च को प्रशासन दिया था। इसके बाद भी उन्होंने मकान खाली कर प्रशासन के सुपुर्द नहीं किया। डीएम के निर्देश पर बुधवार की देर शाम तहसीलदार अखिलेश कुमार राजस्व टीम के साथ रकाबगंज स्थित आवास पर पहुंचे और बेदखली की कार्रवाई की।
प्रशासन ने दरवाजे पर अपना ताला जड़ दिया। इसकी निगरानी नगर कोतवाली न नगर पालिका के अधिकारी नियमित रूप से करेंगे। नगर पालिका अध्यक्ष उज्मा राशिद के खिलाफ शत्रु संपत्ति कब्जाकर मकान बनाने के मामले में जांच का आदेश साल 2021 में दिया गया था।
निवर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष पर किरायेदार के रूप में नियम विरुद्ध नक्शा स्वीकृत कराकर निर्माण कराने में अब जाकर कार्रवाई हुई है। दूसरी ओर प्रशासन की इस कार्रवाई से शहर में खलबली मची रही। तहसीलदार अखिलेश कुमार ने बताया कि कब्जेदार ने नोटिस के बाद भी शत्रु संपत्ति खाली नहीं किया था। इसलिए बेदखली की कार्रवाई की गई है।
आजादी के बाद तय हुई थीं शत्रु संपत्तियां
शत्रु संपत्तियां आजादी के बाद 1968 में तय की गईं थीं। पाकिस्तान बंटवारे से यहां जो लोग संपत्ति छोड़कर चले गए और वहां के नागरिक हो गए थे। उनकी संपत्तियों को शत्रु संपत्ति घोषित करके शासन ने अपने संरक्षण में ले लिया था। 2017 में केंद्र सरकार की ओर से संशोधन किया गया, और कई तरह के नियंत्रण किए गए। इसके बाद से लोगों की निगाहें शत्रु संपत्तियों पर टिक गई हैं।
