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बलरामपुर जिले के बहुचर्चित अधिवक्ता राजेश पांडेय हत्याकांड में मंगलवार को गोंडा सत्र न्यायालय में अहम फैसला आया। मामले में दोषी करार दिये गये आठ दोषियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा का हुक्म दिया। 11 साल पूर्व अधिवक्ता की दिनदहाड़े निर्मम हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोषी दो महिलाओं समेत आठ अभियुक्तों को आजीवन कारावास और 71 हजार 750 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अधिवक्ताओं के बहिष्कार के बाद मुकदमे की पत्रावली बलरामपुर से गोंडा स्थानांतरित की गई थी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) विनय कुमार सिंह और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अवधेश शुक्ल ने बताया कि बलरामपुर जिले में कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला टेढ़ी बाजार निवासी विनोद कुमार पांडेय ने कोतवाली देहात बलरामपुर में तहरीर देकर कहा कि ग्राम धुसाह में उसके पिता स्वामी दयाल पांडेय के नाम एक प्लाट है। जिसके बगल छोटकऊ लोहार का भी प्लाट है। तीन जुलाई 2012 को डेढ़ बजे ग्राम धुसाह के छोटकऊ, उनके भाई राममूरत, बेटे जितेंद्र, धमेंद्र व मानवेंद्र, छोटकऊ की पत्नी सावित्री, लवकुश, अरविंद विश्वकर्मा की पत्नी रीना देवी व मोहल्ला गोविंद बाग निवासी विशाल सैनी पिता के प्लाट पर जबरन कब्जा कर नींव भरकर कब्जाने लगे तो वह और उसके भाई राजेश कुमार पांडेय एडवोकेट ने मौके पर पहुंचकर मना किया। तभी सभी एकराय होकर जान से मारने की नीयत से हमलावर होकर अपशब्द कहते हुए तलवार, सरिया, ईंट व गुम्मा से मारने लगे, जिससे उसे व भाई राजेश पांडेय और नानबाबू उर्फ प्रमोद पांडेय को गंभीर चोटें आईं। गंभीरावस्था में भाई राजेश पांडेय और नानबाबू को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने भाई राजेश को लखनऊ रेफर कर दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की। तभी चार जुलाई को लखनऊ में राजेश पांडेय की मृत्यु हो गई। विवेचना के दौरान हत्या, जानलेवा हमला, मारपीट व जान से मारने की धमकी का पुख्ता साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी छोटकऊ, राममूरत, जितेंद्र, धमेंद्र, मानवेंद्र, लवकुश, सावित्री देवी, रीना देवी व विशाल सैनी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। बलरामपुर जिले में अधिवक्ताओं ने आरोपियों की ओर से केस की पैरवी नहीं की तो उच्च न्यायालय लखनऊ के आदेश से साल 2016 में यह मुकदमा गोंडा न्यायालय को स्थानांतरित कर दिया गया। जहां मुकदमे में हाजिर न होने के कारण एक अभियुक्त विशाल सैनी की पत्रावली अलग कर दी गई।
ट्रायल के दौरान संदेह से परे साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने आरोपी आरोपी छोटकऊ, राममूरत, जितेंद्र, धमेंद्र, मानवेंद्र, लवकुश, सावित्री देवी व रीना देवी को दोषसिद्ध किया। मंगलवार को इस मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम पूजा सिंह ने दोषी अभियुक्तों को को हत्या, जानलेवा हमला, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के अपराध में आजीवन कारावास और 71 हजार 750 रुपये-71 हजार 750 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अदालत के आदेशानुसार अधिरोपित अर्थदंड की आधी धनराशि मृतक के वारिसान को प्रदान की जाएगी।
