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उरई। जिला अस्पताल में थायराइड जांच की मशीन आ गई है। इस मशीन के आने से मरीजों को इधर-उधर जांच के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। मशीन लगने के बाद उनके समय और धन की बचत होगी।
जिले में थायराइड जांच की सुविधा न होने के कारण मरीज परेशान होते थे। हालत यह थी कि जिले के सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में थायराइड मशीन न होने के कारण लोगों को झांसी कानपुर जांच के लिए सैंपल भेजने पड़ते थे। इसमें उनका समय के साथ धन की भी बर्बादी होती थी। बाहर जांच कराने में मरीजों का 300 से 800 रुपये तक खर्च हो जाता था। अब इस समस्या से निजात मिल जाएगी। मरीजों को जिला अस्पताल में थायराइड जांच की सुविधा मिलेगी।
जिला अस्पताल में पैथॉलोजी के प्रभारी डॉ. अमित गुप्ता का कहना है कि वैसे तो मरीजों की सामान्य जांचें हो जाती हैं, लेकिन थायराइड जैसी जांच न होेने के कारण मरीजों को दिक्कत होती थी। अब जिला अस्पताल में थायराइड की जांच मशीन आ गई है। अब मरीजों को थायराइड की महंगी जांच के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। वह बताते है कि इस समय थायराइड के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
महिलाओं के साथ पुरुषों की भी यह बीमारी हो रही है। गर्भवती की थायराइड की जांच जरूरी होती है। यह मशीन आने से अब मरीजों को राहत मिलेगी। थायराइड पैनल जांच में थायराइड की कई तरह की जांचें इस मशीन से हो सकेगी। इसके अलावा हारमोनल और विटामिन बी 12, विटामिन डी आदि की जांच भी हो सकेगी। इसका लाभ मरीजों को मिलेगा।
थायराइड से होने वाली समस्या
थायराइड से वजन बढ़ने, चेहरे व पैरों में सूजन, कमजोरी, आलस्य आना, भूख न लगना, बहुत नींद आना, महिलाओं का माहवारी चक्र बदलना, गर्भधारण में दिक्कत, बालों का झड़ना आदि समस्या हो जाती है। जांच में बीमारी पकड़ में आने पर इलाज किया जा सकता है।
वर्जन
शासन स्तर पर इसकी पहल की थी। इसके लिए शासन से 45 लाख कीमत की मशीन आ गई है। यही नहीं इस मशीन से हारमोंस और विटामिन की जांच की सुविधा मिलेगी। मशीन आ चुकी है। एक-दो दिन में मशीन का इंस्ट्रालेशन पैथोलॉजी के बगल वाले कमरे में करा दिया जाएगा। स्टाफ को भी मशीन संचालन की ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग पूरी होने और किट आने के बाद जांच की सुविधा मरीजों को मिलेगी। -डॉ. जगजीवन राम, सीएमएस, जिला अस्पताल
