गोरखपुर विकास प्राधिकरण

गोरखपुर विकास प्राधिकरण
– फोटो : Social Media

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गोरखपुर शहर में सुनियोजित विकास के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) लैंड पूलिंग योजना को भी माध्यम बनाएगा। योजना के तहत काश्तकार अपनी जमीन विकसित करने का प्रस्ताव जीडीए को देंगे।

प्राधिकरण संबंधित जमीन पर ढांचागत सुविधाएं विकसित करने के बाद कुल क्षेत्रफल का 25 फीसदी भूमि काश्तकार को लौटा देगा जिसे वह अपने मुताबिक बेच सकेंगे। वहीं सुविधाएं विकसित करने के बाद जो जमीन बचेगी, जीडीए वहां अपनी परियोजनाएं लागू करेगा। शर्त यह है कि जमीन 25 एकड़ से कम नहीं होनी चाहिए और सड़क के किनारे की होनी चाहिए।

लैंड पूलिंग योजना के तहत प्राधिकरण, पहली प्राथमिकता उन जमीनों को देगा जो जीडीए की नई महायोजना के अनुसार आवासीय क्षेत्र घोषित होंगी। यदि आवासीय क्षेत्र नहीं है तो कृषि भूमि को भी इस योजना के तहत प्राधिकरण को दिया जा सकता है बशर्तें  जमीन किसी न किसी मुख्य सड़क के किनारे हो और वहां पहुंचना आसान हो।

मुख्य सड़क से जमीन बहुत दूर होने पर ढांचागत विकास में होने वाली समस्या को देखते हुए प्राधिकरण संबंधित प्रस्ताव को ठुकरा भी सकता है। वहीं लैंड पूलिंग के लिए 80 प्रतिशत किसान सहमत होने चाहिए। बाकी 20 प्रतिशत से प्राधिकरण जमीन क्रय भी कर लेगा। योजना के तहत प्लाटिंग करने वाले जमीन कारोबारी भी शर्तों का पालन करते हुए अपनी जमीन दे सकेंगे।

 



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