
दरोगा आलोक सिंह
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गोरखपुर में वाहन चेकिंग के दौरान पकड़ी गई रकम में हेराफेरी के मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इसकी जांच आयकर विभाग भी करेगा। चूंकि, व्यापारी ने खुद स्वीकार किया है कि वह रकम व्यापार के सिलसिले में एक जगह से दूसरी जगह ले जा रहा था, ऐसे में आयकर विभाग रकम के स्रोत, आय और फर्म के सापेक्ष जमा करवाए जाने वाले आयकर की भी जांच होगी।
आयकर विभाग इस रकम के हवाला नेटवर्क की जांच करेगा। इसमें पीड़ित के बयान भी दर्ज होंगे। इसी आधार पर आयकर विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। आयकर विभाग इस व्यापारी के जरिए उस कड़ी तक पहुंचेने का प्रयास करेगी, जिसका ये धन है।
चुनाव आचार संहिता के दौरान या सामान्य अवस्था में भी अगर 10 लाख रुपये से ज्यादा नकदी रकम किसी के पास से बरामद होती है तो इसकी सूचना संबंधित जांच एजेंसी आयकर विभाग को भी देती है। ऐसे में जब व्यापारी के पास से पुलिस ने 50 लाख रुपये गलत तरीके से लिए और मामला खुलने पर उसे बरामद भी कर लिया तो अब इन रूपयों के ट्रैवल हिस्ट्री की भी जांच होगी। इसकी जांच आयकर विभाग करेगा।
