उदाहरण 1- डाॅ. आशा स्मृति महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2021-22 में बीकॉम में 29 दाखिले हुए। 2022-23 में 22 व 2023-24 में सिर्फ 9 दाखिले हुए। इसके बावजूद सत्र 2023-24 में एमकॉम कॉमर्स और एमकॉम अप्लाइड इकोनॉमिक्स की मान्यता दे दी गई। पहले साल यहां एमकॉम कॉमर्स में 3 और अप्लाइड इकोनॉमिक्स में सिर्फ एक प्रवेश हुआ।
उदाहरण 2- विकासनगर स्थित कॅरिअर कॉन्वेंट डिग्री कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2021-22 में बीएससी में 68 दाखिले हुए। सत्र 2022-23 में 63 व 2023-24 में सिर्फ 38 दाखिले हुए। फिर भी महाविद्यालय को सत्र 2023-24 में एमएससी की मान्यता दे दी गई। पहले साल यहां सिर्फ 13 दाखिले ही हुए।
लखनऊ विश्वविद्यालय से सहयुक्त कॉलेजों की सीटें खाली रहने के पीछे मान्यता देने में मनमानी भी एक बड़ी वजह है। इसकी वजह से यहां सीटें भरना मुश्किल हो रहा है।
नियम है कि किसी भी कोर्स की मान्यता देने से पहले उसके आसपास के क्षेत्र में स्थित कॉलेजों और वहां पढ़ रहे विद्यार्थियों का ब्योरा मांगा जाता है। संतुष्ट होने के बाद ही मान्यता दी जाती है। लखनऊ विवि से लखनऊ में हर साल नए कॉलेज जुड़ते जा रहे हैं। इस बात पर तो चर्चा ही नहीं हो रही कि मान्यता के मानक कितने पूरे किए जा रहे हैं। मान्यता देने में इस तथ्य को पूरी तरह से नजरंदाज किया जा रहा है कि कॉलेज को विद्यार्थी मिलेंगे या नहीं।
आसपास के महाविद्यालयों की तो जानें दें जिस कॉलेज में परस्नातक कोर्स को मान्यता दी जानी होती है वहां स्नातक की छात्र संख्या देखने की जहमत तक नहीं उठाई जाती। ऐसे में स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों में सीटें खाली रह जाती हैं। मान्यता के समय हर कोर्स के लिए लविवि को 50 हजार रुपये फीस मिलती है। लविवि से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मिली सूचना में कॉलेजों में दाखिले की स्थिति का खुलासा हुआ है।
इन कॉलेजों स्नातक व पीजी में दाखिले की स्थिति
कॉलेज – पाठ्यक्रम – सत्र 2021-22, 2022-23, 2023-24
श्री दुर्गा शिक्षा निकेतन गोमतीनगर – बीकॉम – 22, 19, 12
एमकॉम कॉमर्स – 0, 3, 5
श्री दुर्गा शिक्षा निकेतन बीकेटी – बीकॉम – 8, 10, 3
एमकॉम कॉमर्स – 4, 7, 17
रामाधीन सिंह डिग्री कॉलेज – बीकॉम – 34, 28, 15
एमकॉम कॉमर्स – 8, 25, 12
एमकॉम अप्लाइड -3, 6, 6
सीडी गर्ल्स डिग्री कॉलेज बीकॉम – 4, 5, 11
एमकॉम कॉमर्स – 5, 29, 5
फ्लोरेंस नाइटेंगल डिग्री कॉलेज बीकॉम – 14, 8, 14
एमकॉम कॉमर्स – 3, 3, 2
आरएएस डिग्री कॉलेज बीकॉम – 7, 4, 12
एमकॉम कॉमर्स – 0, 0, 1
मानकों का हो कड़ाई से पालन
लविवि को मान्यता देते समय यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वहां पर पर्याप्त संख्या में दाखिले भी हों। सभी मानकों का कड़ाई से पालन हो तो मान्यता लेने वाले कॉलेजों की संख्या में कमी आएगी और सभी सीटें भी भरेंगी।
– डाॅ. मनोज पांडेय, अध्यक्ष- लखनऊ विवि सहयुक्त कॉलेज शिक्षक संघ
