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एम्स स्थित क्रिटिकल केयर का निर्माणाधीन भवन। – फोटो : संवाद
रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जल्द ही मरीजों को हाईटेक ट्रामा सेंटर की सुविधा मिलेगी। ट्रामा सेंटर परिसर में हेलीपैड बनेगा। ऐसा होने पर रेफर होने वाले गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट कर दूसरे अस्पताल भेजा जाएगा। इसके लिए हेलीकॉप्टर भी खरीदे जाएंगे। 100 बेड के सेंटर में दिल्ली एम्स के ट्रामा सेंटर जैसी अत्याधुनिक जांच और इलाज से संबंधित मशीनें भी लगेंगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से ट्रामा सेंटर को स्वीकृति मिल चुकी है। वित्त विभाग से हरी झंडी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
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एम्स में ओपीडी की शुरुआत 13 अगस्त 2019 से हुई थी। धीरे-धीरे एम्स का विस्तार शुरू हुआ। कुछ माह बाद मरीजों को भर्ती भी किया जाने लगा। जुलाई 2023 से इमरजेंसी भी शुरू की गई। पिछले साल जनवरी से इमरजेंसी में अब 24 घंटे सर्जरी भी हो रही है। वर्तमान में 40 से अधिक विभागों के माध्यम से मरीजों को विशेषज्ञ सेवाएं मिल रही हैं। अब एम्स में ट्रामा सेंटर खोलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। प्रस्ताव को स्वास्थ्य मंत्रालय ने पास भी कर दिया है।
वित्त विभाग से स्वीकृति मिलने के साथ ही ट्रामा सेंटर के लिए भवन का काम शुरू होगा। ट्रामा सेंटर विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही अत्याधुनिक जांच उपकरणों से लैस होगा।
मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर में होंगी हर प्रकार की सर्जरी
प्रस्तावित ट्रामा सेंटर में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर भी बनेंगे। यहां एक ही छत के नीचे सभी बीमारियों के गंभीर मरीजों के इलाज के साथ ही सर्जरी की सुविधा होगी। मल्टीस्पेशलिटी केस हैंडल किए जा सकेंगे। ऑर्गन रिट्रीवल केस भी आसानी से किए जा सकेंगे। सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे सहित अन्य सभी प्रकार की जांच मशीनें ट्रामा सेंटर में उपलब्ध होंगी।
44.50 करोड़ से बन रहा 100 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक
एम्स में 44.50 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक का भवन तैयार हो रहा है। सभी 100 बेडों पर आईसीयू, एचडीयू, वेंटिलेटर के साथ प्राणवायु की सुविधा उपलब्ध रहेगी। वर्तमान में मरीजों के लिए 710 बेड उपलब्ध हैं। आईसीयू बेडों की संख्या काफी कम है। इस ब्लॉक के बनने के बाद गंभीर मरीजों को और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। इमरजेंसी में गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड भी बढ़ जाएंगे।
रायबरेली एम्स में दिल्ली एम्स के ट्रामा सेंटर जैसी सुविधाएं मिलेंगी। हाईटेक ट्रामा सेंटर के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से स्वीकृति मिल चुकी है। वित्त विभाग से स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा। अत्याधुनिक जांच व इलाज की मशीनों के साथ ही हेलीकॉप्टर भी खरीदा जाएगा। इससे बेहद गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों तक भेजने की सुविधा मिलेगी।
– प्रो. नीरज श्रीवास्तव, अपर चिकित्सा अधीक्षक, एम्स रायबरेली