Ground Report: This time too there is a possibility of close competition in Machhilishahr.

समीकरणों की बिसात ऐसी बिछी है कि इस बार भी यहां कांटे के मुकाबले के आसार हैं।
– फोटो : अमर उजाला

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मछलीशहर लोकसभा सीट का जिक्र आते ही सबसे पहले याद आता है 2019 का चुनाव। तब महज 181 वोटों के अंतर से भाजपा के बीपी सरोज बसपा के त्रिभुवन राम से जीते थे। 2019 में पूरे देश में यह सबसे कम मार्जिन की जीत थी। अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित इस सीट पर भाजपा ने दोबारा बीपी सरोज पर दांव लगाया है। वहीं, सपा और बसपा ने भी सरोज बिरादरी का ही प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। समीकरणों की बिसात ऐसी बिछी है कि इस बार भी यहां कांटे के मुकाबले के आसार हैं।

लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं का मिजाज जानने के लिए सबसे पहले हम मछलीशहर कस्बा पहुंचे। यहां मिले रामकुमार सोनकर चुनावी माहौल पर सवाल करते ही तपाक से बोले, भइया हमें तो कमल खिलता दिख रहा है, आप बताइए…? हम कुछ बोलते इससे पहले ही वहां मौजूद देवेंद्र यादव जातीय गणित समझाने लगे। बोले मुसलमान-यादव चुप हैं। दलितों में बंटवारा है। अब तो मौर्य भी साथ हैं। इसलिए मुकाबला जबरदस्त है। मछलीशहर कस्बे के बाद हम मोकलपुर बाजार पहुंचे। यहां मिले पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र यादव व विजय पाल भाजपा सांसद पर विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाते हैं। उनकी बात काटते हुए विवेक जायसवाल कहते हैं कि वोट तो मोदी-योगी के नाम पर पड़ेगा।

मड़ियाहूं विधानसभा क्षेत्र में ब्लाॅक मुख्यालय के पास दुकान पर कई लोग गप्प लड़ाते दिखे। हमने ग्राउंड पर असर डाल रहे चुनावी समीकरणों को समझने की कोशिश की। रमेश सेठ कहते हैं कि सपा टक्कर दे रही है, लेकिन भाजपा भी कमजोर नहीं है। मनोज यादव और पिंटू यादव कहते हैं, पासा पलटेगा और सपा जीतेगी, क्योंकि प्रिया सरोज युवा हैं। प्रगतिशील सोच की हैं। बालिका शिक्षा को तरजीह देंगी। पन्ना लाल दलील देते हैं, सपा-भाजपा को देख चुके हैं, इस बार बसपा के साथ हैं। क्यों? इस सवाल पर वह कहते हैं, बसपा ही सर्व समाज की लड़ाई लड़ सकती है। पांच किलो अनाज से काम नहीं चलेगा। 

जफराबाद के जलालपुर में मिले विजय सिंह का तर्क है कि भाजपा ने हाईवे से लेकर ओवरब्रिज तक दिए हैं। विकास के नाम पर सांसद बीपी सरोज को दोबारा दिल्ली भेजेंगे। रणविजय सिंह कहते हैं, राष्ट्रवाद सर्वोपरि है। गठबंधन के नेता चुनाव बाद एक रहेंगे, इस पर लोगों में संशय है। संतोष मौर्य और सुरेश पाल आरोप लगाते हैं कि भाजपा नेताओं ने सिर्फ सपना दिखाया। लोग नौकरी के लिए घूम रहे हैं। किसान महंगाई और छुट्टा पशु से परेशान हैं। सिर्फ मंदिर से काम नहीं चलेगा। 

जलालपुर से हम केराकत पहुंचे। गोमती नदी के किनारे बसे इस कस्बे में मुख्य चौराहे पर मिले प्रदीप पांडेय व रघुवीर सिंह भाजपा को भारी बताते हैं, जबकि राकेश यादव का तर्क है कि साइकिल पूरी रफ्तार से दौड़ रही है। नेतराम गौतम को भरोसा है कि हाथी की गति साइकिल से तेज है। 

वाराणसी का दिखता है साफ असर 

मछलीशहर विधानसभा क्षेत्र में आने वाली पिंडरा विधानसभा क्षेत्र पर वाराणसी का असर साफ दिखता है। दोपहर में हम बढ़ौना ग्राम पंचायत पहुंचे। पेड़ के नीचे ताश खेलते मिले बनारसी कहते हैं कि बिजली 24 घंटे मिल रही है। गांव तक सड़क है। 

  • चंद्रशेखर यादव कहते हैं कि राशन मिल रहा है। सुविधाएं भरपूर हैं। इसलिए भाजपा के साथ हैं। बस जरूरत एक मेडिकल कॉलेज की है। क्योंकि वाराणसी और जौनपुर 50 से 60 किलोमीटर दूर है। उम्मीद है कि सरकार बनी तो चिकित्सा सुविधा मिलनी तय है। विजय यादव कहते हैं कि मोदी ने जो भी निर्णय लिया, वह देशहित में रहा है। भाजपा में कोई बुराई दिखती ही नहीं है। हालांकि मूलचंद गौड़ कहते हैं कि हम लोग चाहते हैं कि परिवर्तन हो। इसके लिए प्रयास चल रहा है। 

औद्योगिक क्षेत्र का विकास हो तो बने बात

मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र विकास का मुद्दा अहम है। व्यापारी अजय जायसवाल कहते हैं, यहां औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हो जाए तो इलाके में बेरोजगारी अपने आप दूर हो जाएगी। कुछ ऐसा ही तर्क रमेश सिंह भी देते हैं। वह कहते हैं, मछलीशहर कस्बे में पर्स बनाने का काम घर-घर होता है। इसे नए सिरे से बढा़वा दिया जाए तो हर हाथ को काम मिल सकता है। 

दलित वोटरों में सेंधमारी से बदल सकते हैं समीकरण

मछलीशहर में तीनों प्रत्याशी सरोज हैं। इस बिरादरी का वोट करीब एक लाख है। पर, दलितों में गौतम बिरादरी चार लाख के करीब है। खटिक करीब 20 हजार हैं। जिसे गौतम बिरादरी का वोट मिलेगा, वही यहां से सांसद बनेगा। 

इस  बार के योद्धा

बीपी सरोज, भाजपा : दोबारा मैदान में उतरे बीपी सरोज को भाजपा के परंपरागत वोटबैंक पर भरोसा है। मोदी-योगी के कामों का सहारा। अति पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को जोड़े रखने की चुनौती है। 

प्रिया सरोज, सपा : पूर्व सांसद और केराकत के विधायक तूफानी सरोज की बेटी हैं। परंपरागत वोटबैंक के साथ ही युवाओं और महिलाओं पर भरोसा है। भितरघात रोकने  की चुनौती है। 

कृपाशंकर सरोज, बसपा : रिटायर्ड आईएएस अफसर हैं। मछलीशहर में कई साल से लोगों को संविधान का पाठ पढ़ा रहे हैं। पार्टी के वोटबैंक के साथ शिक्षित समाज को लुभाने में जुटे हैं। अगड़े और पिछड़ों को साधने की चुनौती। 



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