राज्य वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग की विशेष जांच शाखा (एसआईबी) ने 15 नवंबर को शाहजमाल क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए स्क्रैप फर्म यासफा एंटरप्राइजेज पर छापा मारा। इसमें पता चला कि फर्म द्वारा 35 से 40 लाख रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (अईटीसी) क्लेम की है। जांच टीम ने खरीद-बिक्री से संबंधित सभी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। फर्म को नोटिस जारी कर दिया गया है। विभाग ने फर्जीवाड़े से हुए राजस्व नुकसान की रिकवरी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।

विभाग के मुताबिक यह कार्रवाई डेटा विश्लेषण के आधार पर की गई, जिसमें फर्म द्वारा बड़े पैमाने पर करापवंचन का मामला सामने आया था। एसआईबी की टीम 15 नवंबर को सहायक आयुक्त शिव कुमार सिंह के साथ शाहजमाल गली नंबर सात स्थित यासफा एंटरप्राइजेज पर पहुंची। फर्म आयरन, जिंक और ब्रास समेत अन्य तरह के स्क्रैप की खरीद-बिक्री का कारोबार करती है और अपने रिकॉर्ड में हर महीने लाखों रुपये का व्यापार दिखा रही थी। मौके पर की गई जांच में विभाग के अधिकारी हैरान रह गए। मौके पर माल शून्य जबकि रिकॉर्ड में लाखों का कारोबार दर्ज था। 

सहायक आयुक्त शिव कुमार सिंह ने बताया कि जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है। यासफा एंटरप्राइजेज ने शाहजमाल से शहर की दर्जनों फर्मों के साथ स्क्रैप की खरीद-बिक्री की है। रिकॉर्ड में 12 से अधिक ऐसी फर्मों के नाम सामने आए हैं जो इस गोरखधंधे में शामिल मानी जा रही हैं। एसआईबी अब इन सभी जुड़ी हुई फर्मों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी। यासफा से माल खरीदने वाली इन सभी फर्मों से भी राजस्व की रिकवरी की जाएगी। इस कार्रवाई से स्क्रैप व्यापार से जुड़े अन्य व्यापारियों में भी हड़कंप मच गया है।


बोगस आईटीसी क्लेम करने वाली फर्म यासफा एंटरप्राइजेज के यहां मौके पर तो माल नहीं मिला लेकिन यह फर्म जिंक, आयरन व ब्रास का व्यापार दिखा रही है। इसी आधार पर 40 लाख की बोगस आईटीसी का क्लेम भी कर दिया और सरकार के राजस्व का नुकसान पहुंचाया। इससे जुड़ी जो कंपनियां हैं वह भी विभाग के रडार पर हैं। उन पर भी कार्रवाई होगी। – शिव कुमार सिंह, सहायक आयुक्त, विशेष अनुसंधान शाखा, जीएसटी




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