माल एवं सेवा कर ( जीएसटी) की स्लैब व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। जीएसटी परिषद की बैठक में सिर्फ दो स्लैब को मंजूरी दे दी गई है। अब सिर्फ 5 और 18 प्रतिशत वाले ही स्लैब रहेंगे, शेष दो को खत्म कर दिया गया है। यह नई जीएसटी दरें 22 सितंबर से लागू होंगी। जीएसटी के स्लैब में हुए इस बदलाव से व्यापारियों में जबरदस्त उत्साह है। उनका कहना है कि इससे त्योहारी सीजन में व्यापार में 30 प्रतिशत तक वृद्धि होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को जीएसटी की चार की जगह सिर्फ दो दरें करने की घोषणा की थी। इसके बाद जीएसटी परिषद की बैठक में इसको मंजूरी भी दे दी गई है। यह व्यवस्था 22 सितंबर से शुरू किए जाने की बात कही गई है। इस फैसले से झांसी के कारोबारी खासे उत्साहित हैं। कारण कि आने वाले त्योहारी सीजन में जबरस्त उत्साह देखने को मिलने वाला है।
इस फैसले से बाजार को और गति मिलेगी, जिससे कारोबार में लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना जागी है। कारण कि रोजमर्रा की वस्तुओं के मूल्य में गिरावट जाएगी और बाजार में पैसे का फ्लो बढ़ेगा। जीएसटी में सुधार व्यापारियों ने अपनी राय साझा की।
इन पर टैक्स 12 से घटकर होगा 5 प्रतिशत
खाद्य सामग्री, दैनिक उपयोग की वस्तुएं, दवाएं, पेपर, कुछ मोबाइल और कंप्यूटर, 1000 रुपये से ज्यादा के रेडीमेड कपड़े, 500-1000 रुपए की रेंज वाले जूते।
इन पर टैक्स 28 से होगा 18 प्रतिशत
सीमेंट, कार, ब्यूटी प्रोडक्ट, चॉकलेट, टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एसी, प्लास्टिक प्रोडक्ट, रबर टायर, प्रिंटर आदि।
ये बोले विशेषज्ञ
सीए श्वेता अग्रवाल का कहना है कि सुधारों का सबसे जीएसटी 2.0 सीधा असर महिलाओं और घर की रसोई पर पड़ेगा। दूध, घी, पनीर, मक्खन, दालें, पास्ता, नूडल्स, स्नैक्स, नमकीन, साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, किचन के बर्तन, स्टील-तांबे-एल्यूमिनियम के बर्तन और सिलाई मशीन जैसे सामान अब 5 प्रतिशत जीएसटी पर मिलेंगे।
सीए रचित अग्रवाल ने बताया कि जीएसटी 2.0 सुधार वास्तव में हर वर्ग के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह सुधार केवल टैक्स कम करने का कदम नहीं है बल्कि यह उपभोग बढ़ाकर, उद्योग को गति देकर और आम नागरिक के जीवन-यापन की लागत घटाकर, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा आर्थिक मील का पत्थर है।
उप्र उद्योग व्यापार मंडल झांसी महानगर युवा अध्यक्ष इंजी अंकित राय का कहना है नए जीएसटी स्लैब का बदलाव बहुत ही अच्छा है। अब जाकर ये सही मायनों में आम आदमी के लिए बना है, क्योंकि गरीब ही महंगाई से परेशान होता है।
टैक्स बार एसोसिएशन झांसी अध्यक्ष एडवोकेट रामेश्वर राय ने बताया कि 15 अगस्त को पीएम ने जो लालकिला से जीएसटी की दरों में बदलाव की घोषणा की थी, उसे जीएसटी कांउसिल ने लागू कर दिया है। मौजूदा जीएसटी प्रक्रिया में कई स्तर पर दिक्कतें हैं, जिन्हें दूर कर नियम प्रक्रिया को को सरलीकरण किया जा रहा है। इससे कारोबार और उद्यम लगाने का माहौल पहले से बेहतर होगा। साथ ही जीएसटी की पूरी प्रक्रिया आसान होगी।
