आगरा। दसवीं पातशाही गुरु गोविंद सिंह व माता साहिब कौर के जोड़े, चरण पादुकाएं और वस्त्र लेकर दिल्ली से गुरु का ताल आई गुरुचरण यात्रा शनिवार को बरेली रवाना हो गई। पुष्पवर्षा और जयकारों के बीच यात्रा को आगे भेजा गया। यात्रा 31 अक्तूबर को गुरुद्वारा श्री हरमंदिर साहिब पटना साहिब बिहार पहुंचकर समाप्त होगी।

दिल्ली के गुरुद्वारा मोतीबाग से निकली गुरुचरण यात्रा शुक्रवार को आगरा पहुंची थी। गुरु का ताल में रात्रि विश्राम के बाद शनिवार को सुबह बरेली के लिए रवाना हुई। इससे पहले गुरुद्वारा मंजी साहिब में कीर्तन समागम का आयोजन हुआ। गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप को गुरुद्वारा मंजी साहिब से पंज प्यारों की अगुवाई में पालकी में विराजमान कर शोभा यात्रा के रूप में ले जाया गया।

बस रूपी पालकी में गुरु ग्रंथ साहिब महाराज के स्वरूप को सुशोभित की चरण पादुका यात्रा को विदाई दी गई। विदाई पुष्पवर्षा और जयकारों से गुरुद्वारा प्रांगण गूंज उठा। मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह ने कहा कि वर्षों से गुरुदेव की निशानियां केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के परिवार के पास थीं, जो इसकी सेवा कर रहे थे। अब इन्हें आम संगत को समर्पित किया जा रहा है। आगरा की संगत इन धरोहरों के दर्शन कर अपने को धन्य महसूस कर रही है।

मीडिया प्रभारी जसबीर सिंह ने बताया कि गुरुचरण यात्रा टूंडला, एटा, कासगंज, बदायूं होते हुए बरेली में पहुंचकर रात्रि विश्राम करेगी। संत बाबा प्रीतम सिंह व अन्य प्रमुखजनों ने यात्रा में आए पदाधिकारियों एवं पंज प्यारों को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान भाजपा के महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, प्रदेश महामंत्री राम प्रताप सिंह चौहान, जत्थेदार राजेंद्र सिंह इंदौरिया, बाबा अमरीक सिंह, महंत हरपाल सिंह, श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान कंवलदीप सिंह, गुरुद्वारा माईथान के हेडग्रंथी ज्ञानी कुलविंदर सिंह, गुरमीत सिंह सेठी, रमन साहनी, बंटी ओबेरॉय, बंटी ग्रोवर आदि मौजूद रहे।



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