Gyanesh Kumar became the Election Commissioner increased prestige of Agra

नए चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
– फोटो : अमर उजाला

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आगरा के विजय नगर के रहने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त का पदभार संभाला तो उनके माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। गृह मंत्रालय में सचिव रहते हुए जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने का फैसला हो या फिर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कमेटी के सदस्य के तौर पर काम हो। उन्होंने अपनी काबिलियत से केंद्र सरकार के फैसलों को लागू करने में बड़ी भूमिका निभाई है।

उच्च शिक्षित परिवार से ताल्लुक रखने वाले रिटायर्ड सीएमओ डॉ. सुबोध गुप्ता श्रीराम सेंटेनियल स्कूल के संचालक हैं। उन्होंने बताया कि बेटा 31 जनवरी 2024 को प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद एक सप्ताह पहले उनसे मिलने आया था।

उन्होंने बताया कि ज्ञानेश की पढ़ाई गोरखपुर, वाराणसी और लखनऊ के कॉल्विन कॉलेज में हुई। आईआईटी कानपुर से बीटेक किया था। इसके बाद वह प्रशासनिक सेवा की तैयारी के लिए दिल्ली चले गए थे। 1988 में वह केरल कैडर के आईएएस अधिकारी बने।

वह मोदी सरकार में गृह मंत्रालय में बतौर सचिव रहते हुए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का हिस्सा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाने की बात हो या फिर इराक में गृह युद्ध में फंसी केरल की 40 नर्सों की स्वदेश वापसी का मामला हो। उन्होंने आगे बढ़कर नेतृत्व किया।

यही कारण रहा कि सेवानिवृत्ति से पहले ही उन्हें श्रीराम मंदिर तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट में वह सरकार के प्रतिनिधि के रूप में भेजे गए। यहां उन्होंने बाल स्वरूप के भगवान श्रीराम की मूर्ति लगवाने वाले निर्णायक मंडल में भूमिका अदा की। मां सत्यवती गुप्ता ने बताया कि बेटे की इस उपलब्धि पर लोग बधाई देने घर आ रहे हैं। शुक्रवार को इस खुशी में गीता पाठ का आयोजन किया गया।

उच्च शिक्षित व अफसरों का परिवार

सुबोध गुप्ता के दूसरे बेटे मनीष कुमार आईआरएस अधिकारी हैं। बेटी रोली जैन इंदौर में विद्यालय चलाती हैं तो उनके पति उपेंद्र जैन आईपीएस अधिकारी हैं। ज्ञानेश कुमार की बड़ी बेटी मेघा रूपम और उनके पति मनीष बंसल यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। छोटी बेटी अभिश्री भी आईआरएस अधिकार हैं और उनके पति अक्षय आईएएस हैं। बेटा अर्नव पढ़ाई कर रहा है।

 



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