रामराज/मुज़फ्फरनगर। मीरपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित विश्वप्रसिद्ध Haiderpur Wetland, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रामसर साइट के रूप में मान्यता प्राप्त है, एक बार फिर चर्चा में है। जिला प्रशासन ने यहां एक ऐसी पहल की शुरुआत की है, जो न केवल जल संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का काम कर रही है बल्कि इस क्षेत्र को एक बड़े पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
इसी उद्देश्य को लेकर हैदरपुर वेटलैंड में ‘Pani Ki Pathshala program’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें जिलेभर से आए बच्चों, पर्यावरण प्रेमियों, प्रशासनिक अधिकारियों और कई पद्मश्री हस्तियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।


छात्र-छात्राओं की शानदार प्रस्तुतियाँ—गीत, नृत्य और नाटक के माध्यम से दिया जल बचाओ का संदेश

कार्यक्रम की शुरुआत मुज़फ्फरनगर के कई स्कूलों से आए बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों से की गई।
बच्चों ने—

जैसे मुद्दों पर अत्यंत प्रभावशाली नृत्य, नाटक, कविताएँ और समूह गीत प्रस्तुत किए।
इन प्रस्तुतियों का सार यही था— “जल ही जीवन है, और यदि आज नहीं जागे तो आने वाला कल हमारे हाथों से फिसल सकता है।”

बच्चों का उत्साह देखकर स्पष्ट था कि ‘Pani Ki Pathshala program’ सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक व्यापक पर्यावरण आंदोलन की शुरुआत है।


डीएम उमेश मिश्रा की अध्यक्षता—लोगों को दिलाई पर्यावरण सुरक्षा की शपथ

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि हैदरपुर वेटलैंड जनपद का प्राकृतिक खजाना है, जहाँ हर वर्ष हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं।
उन्होंने कहा—
“हमें इस वेटलैंड को न केवल सुरक्षित रखना है बल्कि इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर दुनिया को इसका महत्व दिखाना है।”

डीएम ने उपस्थित सभी लोगों को जल संरक्षण और पर्यावरण बचाव की शपथ भी दिलाई। उनका संदेश था कि—

  • पानी का दुरुपयोग तुरंत बंद किया जाए

  • वर्षा जल संचयन अपनाया जाए

  • भूजल स्तर को सुधारने के लिए हर व्यक्ति योगदान दे


मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार का आह्वान—‘जल संकट से निकलना है तो समाज को कंधे से कंधा मिलाना होगा’

सहारनपुर मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार का काम नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

उन्होंने स्पष्ट कहा—

  • कई ब्लॉक डार्क ज़ोन की ओर बढ़ रहे हैं

  • भूजल तेजी से घट रहा है

  • पानी का भविष्य गंभीर संकट की तरफ़ इशारा कर रहा है

उन्होंने कहा—
“एक समय ऐसा आएगा जब पानी पैसे से भी नहीं मिलेगा… इसलिए आज ही पानी बचाने के प्रयासों को मजबूत करना होगा।”

रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य रूप से अपनाने और हर स्तर पर पानी बचाने का संदेश कार्यक्रम का मुख्य आधार रहा।


पद्मश्री सम्मानित हस्तियों की मौजूदगी ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा

कार्यक्रम में कई राष्ट्रीय स्तर के सम्मानित व्यक्तित्व मौजूद रहे, जिनमें—

  • उमाशंकर पांडे – पद्मश्री

  • सतपाल सिंह – पद्मश्री

  • कमल सिंह चौहान – पद्मश्री

इनकी उपस्थिति ने ‘Pani Ki Pathshala program’ को एक असाधारण पहचान दी।
इसके अलावा एसएसपी संजय कुमार वर्मा सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौजूद रहा, जो इस बात का प्रमाण है कि यह कार्यक्रम जिले की प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर है।


पर्यावरण पर्यटन की दिशा में बड़ा कदम—हैदरपुर वेटलैंड बनेगा नया इको-टूरिज़्म हब

हैदरपुर वेटलैंड की खूबसूरती, जैव विविधता और प्रवासी पक्षियों का विशाल समूह इसे पर्यावरण पर्यटन का केंद्र बनाने की क्षमता रखता है।
जिला प्रशासन का मुख्य लक्ष्य—

  • वेटलैंड का वैज्ञानिक संरक्षण

  • इको-टूरिज़्म गतिविधियों का विस्तार

  • स्थानीय लोगों के लिए रोजगार उपलब्ध कराना

  • वेटलैंड के प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना

हैदरपुर में आयोजित ‘Pani Ki Pathshala program’ इस दिशा में पहला बड़ा आयोजन माना जा रहा है, जो क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाएगा।


स्थानीय लोगों, छात्रों और प्रशासन की संयुक्त भागीदारी—पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक प्रतिज्ञा

इस आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि—

  • बच्चे

  • स्थानीय नागरिक

  • पर्यावरण हितैषी

  • प्रशासनिक अधिकारी

  • पद्मश्री हस्तियाँ

सभी एक मंच पर जल संरक्षण की दिशा में एकजुट दिखे।
लोगों ने स्वीकार किया कि पानी बचाना केवल आज की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा है।

कार्यक्रम के अंत में भारी संख्या में मौजूद गणमान्य लोगों और मीडिया प्रतिनिधियों ने वेटलैंड संरक्षण और जल बचाव संदेश को सराहा।




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