मोबाइल की लत से युवक का मानसिक संतुलन खराब हो गया। अजीबोगरीब हरकतें करने पर परिजनों ने सीएचसी में भर्ती कराया है। परिजनों के अनुसार युवक मोबाइल फोन में कोई गेम खेलता था। नगर के सिकंदरपुरा मोहल्ला निवासी उमेश कुमार ने बताया कि उनका बेटा अमृतलाल (20) को मोबाइल फोन की बुरी लत लग गई है। मोबाइल पर दिन भर कोई गेम खेलता रहता था। परिजनों के मना करने पर घर से दूर एक बाग में निकल जाता। जहां घंटों बैठकर फोन चलाता था। बुधवार सुबह बेटे का मानसिक संतुलन बिगड़ गया। कभी भक्तिगीत गाता, कभी शायरी करता तो कभी शोर मचाकर लोगों को बुलाने लगता। धीरे धीरे उसकी यह हरकतें बढ़तीं जा रहीं थीं। बेटे की अजीबोगरीब हरकतें देख परिजन सीएचसी ले गए। बताया कि बेटा मजदूरी करता था। मोबाइल की लत से उसका काम में भी मन नहीं लगा। सीएचसी के डॉ कनिष्क माहुर ने बताया कि युवक की नींद पूरी न होने से समस्या हुई है। जिसका प्रारंभिक इलाज कर घर भेज दिया था।
एक साल से फोन पर गेम खेल रहा था युवक
उमेश कुमार ने बताया कि बेटों को पांच साल पहले मोबाइल फोन दिलाया था। एक साल से फोन में पब्जी गेम खेल रहा था। उन्होंने बताया कि मोबाइल चलाते हुए बड़बड़ाता रहता था। परिजन मना करते तो फोन लेकर घर से बाहर निकल जाता था। परिजनों के दबाव में कुछ दिनों तक उसने फोन से कुछ दूरी बनाई। इसी बीच 15 दिन पहले जालौन के कोटरा निवासी युवक की बहन गायत्री की बीमारी से मौत हो गई। जिसके बाद वह फिर से दिन रात फोन में ही डूबा रहने लगा था।
