संवाद न्यूज एजेंसी

झांसी। गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले और मध्यम वर्गीय परिवारों को सस्ती दर पर सरकार राशन दे रही है। इस राशन का वितरण आधार प्रमाणीकरण पर होता है, जिसमें लाभार्थी के अंगूठे का निशान लिया जाता है। लेकिन, आपको जानकर हैरानी होगी कि जिले में 1300 राशन कार्डधारक लाभार्थी ऐसे हैं, जिनके हाथों की रेखाएं नहीं हैं। ऐसे में उनका आधार कार्ड प्रमाणीकरण नहीं हो पा रहा है। उन्हेंं मोबाइल फोन के जरिए राशन दिया जा रहा है।

जिले में संचालित पात्र गृहस्थी और अंत्योदय राशनकार्ड के लाभार्थियों को पारदर्शी तरीके से राशन उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने ई-पॉश मशीन से वितरण व्यवस्था लागू की है। जिसमें खाद्यान्न लेने वालों को कोटेदार के पास मौजूद बायोमेट्रिक मशीन पर अपने हाथ की अंगुली या अंगूठे के निशान देने होते हैं। इसके बाद ही राशन मिल पाता है। लेकिन, जिले में ऐसे 1300 लाभार्थी हैं, जिनके हाथों की रेखाएं ही नहीं हैं। ऐसे में वह अब मोबाइल फोन पर आने वाले ओटीपी से राशन ले रहे हैं। इस बात का खुलासा तब हुआ जब विभाग ने आधार प्रमाणीकरण के बिना राशन ले रहे लाभार्थियों की जांच की। जांच में सामने आया कि जो दिव्यांग, झाड़ू बनाने वाले या दिहाड़ी मजदूर का काम करने वाले हैं। लगभग 300 लोग तो ऐसे हैं, जिनके दोनों हाथ ही नहीं हैं। जांच में यह भी पता चला कि सैंकड़ों राशनकार्ड में केवल एक ही व्यक्ति का नाम दर्ज है और वह भी दिव्यांग हैं।

ई-पॉश मशीन में उन्हीं लाभार्थियों के फिंगरप्रिंट नहीं आ सकते हैं जो दोनों हाथों से दिव्यांग हैं या जिनका काम ऐसा है जिसके चलते उनके फिंगरप्रिंट मिट गए हैं। ऐसे में उन्हें योजना का लाभ देने के लिए मोबाइल वैरीफिकेशन से राशन वितरण किया जा रहा है। लेकिन, हमने सभी के आधार का सत्यापन कराया है।

सौम्या अग्रवाल, जिलापूर्ति अधिकारी।



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