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Hardoi News: हरदोई के पूर्व समाज कल्याण अधिकारी हर्ष मवार भ्रष्टाचार के मामले में बर्खास्त कर दिए गए हैं। उनकी पत्रावली चार साल से दबी थी, जिसे मंत्री असीम अरुण ने कार्रवाई तक पहुंचाया है।
हर्ष मवार और प्रशांत शुक्ला – फोटो : amar ujala
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हरदोई जिले में अनियमितताओं के मामले में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी हर्ष मवार को बर्खास्त कर दिया गया है। खास बात यह है कि अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद भी लंबे समय तक हर्ष मवार अलग-अलग जिलों में तैनाती पाते रहे। दरअसल अनियमितताओं की पुष्टि होने और कार्रवाई की संस्तुति से जुड़ी पत्रावली विभागीय सांठ-गांठ के चलते दबी रही। इसकी जानकारी समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण को हुई तब बर्खास्तगी हुई।
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कछौना में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित है। वर्ष 2017-18 से जुलाई 2019 तक के लिए सेवा प्रदाता एजेंसी के माध्यम से कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। इसी बीच वर्ष 2019 में ही तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी हर्ष मवार ने सेवा प्रदाता कंपनी के कार्मिकों के भुगतान में कटौती करने के साथ ही कार्यरत कर्मियों की संख्या में फेरबदल कर दिया था। आउट सोर्सिंग कंपनी के चयन में भी मनमानी की गई थी।