न्यायालय के आदेश पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ प्रयागराज में दर्ज हुए मामले के तार हरदोई जनपद से भी जुड़े हैं। इसमें पीड़ित बताया गया एक शख्स हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का निवासी है। प्रयागराज में दर्ज मामले की जांच को गठित एसआईटी ने बेहद गोपनीय ढंग से किशोर के बारे न सिर्फ हरदोई बल्कि उसके गांव भी पहुंचकर जानकारी ली। पीड़ित के पिता से भी बातचीत की। मामले को लेकर पुलिस विभाग के जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं और एसआईटी के आने की जानकारी न होने की बात कह रहे हैं।
पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर प्रयागराज में यौन शोषण का मामला दर्ज हुआ था। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित है। जिन लोगों का यौन शोषण किए जाने का आरोप है, उनमें एक शख्स हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। उक्त शख्स हरदोई में ही स्थित एक गुरुकुल का छात्र है, लेकिन गुरुकुल के जिम्मेदारों का कहना है कि किशोर ने व्यक्तिगत परीक्षा के लिए उनके यहां से आवेदन किया है। इस सबके बीच एसआईटी रविवार रात हरदोई पहुंची। टीम के साथ मामले में वाद दर्ज कराने वाले शख्स भी हरदोई आए थे। यह लोग शहर के नघेटा रोड पर स्थित दो होटलों में रुके थे। विश्वसत सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित के पिता से एसआईटी ने जानकारी ली है। शुरुआत में पिता ने इस बारे मामूली जानकारियां दीं। बताया कि एक माह पूर्व उनका बेटा माघ मेला में स्नान करने प्रयागराज गया था। छह दिन पहले वहां से वापस आया है। दोपहर बाद से पीड़ित के पिता ने अपना मोबाइल भी स्विच ऑफ कर लिया। सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने एसआईटी के आने और पूछताछ करने की जानकारी होने से इनकार किया।
जलालपुर के हरिकरण के साथ गया था शख्स
यौन शोषण के पीड़ित के पिता ने बताया कि बेटा पिहानी के जलालपुर निवासी हरिकरण के साथ प्रयागराज गया था। वहां उनके बेटे का आधार कार्ड जमा किया गया था। इसके बाद क्या हुआ, उन्हें नहीं मालूम। दावा किया कि जो पता चला वह मोबाइल पर देखकर ही पता चला। बाद में उन्होंने कोई बात करने से इनकार कर दिया।
