
जय प्रकाश और ऊषा वर्मा
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कहते हैं कि वक्त और तकदीर कब कैसे बदल जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। राजनीति में भी कुछ ऐसा ही होता है। रणनीति का कौशल बेशक महत्वपूर्ण है, लेकिन परिस्थितियां और अवसर की भूमिका भी राजनीति में कम नहीं है। अगर हरदोई लोकसभा क्षेत्र की पिछले लगभग दो दशक की राजनीति पर निगाह दौड़ाई जाए, तो यह बात साबित भी हो जाती है। हरदोई लोकसभा क्षेत्र के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में चुनावी मुकाबला भाजपा प्रत्याशी जय प्रकाश और सपा गठबंधन की प्रत्याशी ऊषा वर्मा के बीच नजर आ रहा है। दोनों ने ही राजनीति में किस तरह से प्रवेश किया था। इसको लेकर पेश है आनंद मिश्रा की एक रिपोर्ट…
