
hardy bomb kand
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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अंग्रेजी हुकूमत और उस पर निरंकुश तानाशाही का वह गुलामी का दाैर आज भी लोगों को झकझोर देता है। उन लम्हों को याद कर लोग सिहर जाते हैं। ऐसे में क्रांतिकारियों ने गुलामी की इन जंजीरों को तोड़ने के लिए प्राणों की आहुतियां दे दीं। उनकी तानाशाहों को सबक सिखाने की तरकीब ने अंग्रेजी साम्राज्य की मजबूत जड़ों को हिलाकर रख दिया। ऐसी ही एक घटना 27 सितंबर 1940 को बेलनगंज चाैराहे की बराैलिया बिल्डिंग पर हुई। यहां राम बरात देखने आए क्रूर तानाशाह कलेक्टर हार्डी पर तीन क्रांतिकारियों के त्रिकंटक दल ने बम से ऐसा धमाका किया कि हुकूमत भी हिल गई थी।
