गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन की राज एम्पायर सोसायटी स्थित हरीश राणा के घर में हर और आध्यात्मिक माहौल दिखाई देता है। मुख्य गेट से लेकर घर के अंदर तक प्रजापिता ब्रह्माकुमारी से जुड़े चित्र लगे हैं। ये परिवार की गहरी आस्था को दर्शाते हैं।
पिता अशोक राणा नियमित रूप से सुबह और शाम ध्यान व पूजा करते हैं। शायद यही कारण है कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उनका विश्वास अडिग बना रहा। वह प्रतिदिन गोमाता को भोजन कराते हैं और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं।
Trending Videos
2 of 12
बेटे हरीश के साथ माता-पिता
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अशोक राणा पेशे से एक कुशल शेफ हैं। सोसायटी के लोगों के अनुसार, वह आसपास के इलाकों में सैंडविच की सप्लाई करते हैं और सप्ताहांत पर खासे व्यस्त रहते हैं। अशोक राणा ने बताया कि पहले वह एक पांच सितारा होटल में कार्यरत थे, लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद परिवार के भरण-पोषण के लिए सैंडविच बनाकर बेचना शुरू किया।
3 of 12
हरीश राणा का फ्लैट
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
स्थानीय निवासी अनिल के अनुसार, अशोक राणा का स्वभाव बेहद मिलनसार है। वह अक्सर लोगों को अपने हाथ का बना सैंडविच खिलाते रहते हैं। मौजूदा कठिन समय में सोसायटी के लोग उनके परिवार के साथ खड़े हैं।
4 of 12
हरीश राणा के पिता
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति मिलने के बाद दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया है। वहां चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत उनके लाइफ सपोर्ट सिस्टम को हटाया जा रहा है।
5 of 12
हरीश राणा की फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इच्छामृत्यु की जारी प्रक्रिया के बीच अंगदान पर भी विचार
अस्पताल के पूर्व पैलिएटिव विशेषज्ञ डॉ. सुशमा भटनागर के अनुसार, पैलिएटिव केयर में मौत को तेज नहीं किया जाता, बल्कि दर्द-तकलीफ कम कर प्राकृतिक मौत की अनुमति दी जाती है। फोकस मरीज की आराम और गरिमा पर है।