संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। मर्दन सिंह इंटर कॉलेज में बुधवार को वर्ष 1857 की क्रांति के अग्रदूत महाराजा मर्दन सिंह की जयंती मनाई गई। वक्ताओं ने उनके जीवन से संबंधित संस्मरण सुनाए। इस दौरान निबंध एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।
प्रधानाचार्य रामप्रकाश अनंत ने कहा कि चंदेरी नरेश महाराजा मर्दन सिंह का जन्म मोर प्रहलाद के यहां हुआ था। उन्होंने वर्ष 1857 की क्रांति में रानी लक्ष्मीबाई का भाई की तरह साथ दिया। देश की आजादी में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। अन्य वक्ताओं में रत्नेश लिटौरिया, कुंजीलाल, डॉ. पूनम, सपना कुशवाहा ने उनके जीवन से संबंधित संस्मरण सुनाए। इस दौरान विद्यालय में निबंध और भाषण प्रतियोगिता भी हुई।
निबंध में छात्र हरपाल प्रथम, प्रिंस श्रीवास द्वितीय और मयंक अहिरवार तृतीय स्थान पर रहे। भाषण में विजय कुशवाहा प्रथम, प्रिंस श्रीवास द्वितीय और सर्वज्ञ तृतीय स्थान पर रहे। पहले तीन स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को नकद राशि और दस अन्य स्थान पर रहने वालों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
