
अवैध तमंचा फैक्टरी चलाने के आरोप में पकड़े गए आरोपी
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हाथरस में कोतवाली सहपऊ पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अवैध बने, अधबने हथियार और शस्त्र बनाने का सामान बरामद किया है। आरोपियों से पूछताछ के दौरान एटा निवासी दो युवकों के नाम सामने आए हैं। पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में जुट गई है। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
एसपी निपुण अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि मुखबिर की सूचना पर थाना सहपऊ पुलिस व स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए सहपऊ क्षेत्र के गांव सिखरा के जंगलों में स्थित खंडहरनुमा मकान में चल रही अवैध शस्त्र फैक्टरी को पकड़ा। मौके से पुलिस ने दो आरोपियों को बने व अधबने हथियार व असलहा बनाने के सामान सहित गिरफ्तार किया है। पकड़े आरोपियों ने अपने नाम रक्षपाल सिंह पुत्र सरदार सिंह निवासी पिलखुन थाना जलेसर जिला एटा व नरेश पुत्र सुनहरीलाल निवासी रैपुरा थाना सहपऊ जिला हाथरस बताए हैं। पकड़े आरोपियों के कब्जे से दो एसबीबीएल गन देसी 12 बोर, एक डीबीबीएल रायफल 315 बोर, पांच तमंचा देसी 315 बोर, दो तमंचा देसी 12 बोर, दो रिवॉल्वर देसी 32 बोर, दो खोखा, दो कारतूस 315 बोर, चार खोखा कारतूस, तीन कारतूस 12 बोर व शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं।
एसपी ने बताया कि आरोपी रक्षपाल ने बताया कि वह अवैध शस्त्र की बिक्री में विगत सात-आठ वर्ष से संलिप्त है। पूर्व में वह आर्म्स एक्ट के तहत जनपद आगरा व फिरोजाबाद से जेल जा चुका है और अवैध शस्त्र बनाना भी जानता है। अभियुक्त नरेश रक्षपाल की अवैध शस्त्र बनाने में मदद करता था। क्षेत्र में अवैध शस्त्रों के खरीदने व बेचने का कार्य देखता था। अभियुक्तों को अवैध हथियार बेचकर जो पैसा प्राप्त होता है, उससे अपना जीवन यापन करते हैं। गिरफ्तार करने वाली टीम में संजय सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना सहपऊ मय टीम व अशोक कुमार सिंह प्रभारी स्वाट/एसओजी मय टीम आदि थे।
