सहपऊ  क्षेत्र के गांव खोंड़ा निवासी किसान सुनील कुमार छौंड़कर ने 2 अप्रैल की दोपहर को अपनी पांच बीघा आलू की फसल को ट्रैक्टर से जुतवा दिया। किसान आलू का सही भाव न मिलने और कोल्ड स्टोर भरने से आहत हैं।

किसान का कहना था कि उन्होंने इस बार 14 बीघा में आलू की खेती की थी। इसमें से नौ बीघा का आलू खोदकर कोल्ड स्टोर में रखवा दिया, लेकिन पांच बीघा के आलू को कोई भी व्यापारी किसी भी भाव पर खरीदने के लिए तैयार नहीं था। आलू के खोदाई में लगे मजदूर और उसमें लगाई गई लागत निकालने के लिए उन्हें रुपयों की आवश्यकता थी। 

इस कारण वह मंडियों में अच्छा भाव मिलने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उचित भाव नहीं मिलने और कोल्ड स्टोर में भंडारण के लिए जगह नहीं मिलने से उनके पास इस फसल को नष्ट करने के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं बचा। दुखी होकर उन्होंने यह कदम उठाया। सुनील के भाई लक्ष्मण सिंह का कहना है कि उन पर कर्जा हो गया है।

उन्होंने पहले ही अपने भाई को आलू की बुवाई नहीं करने की सलाह दी थी, वह नहीं माने। किसान का कहना है कि पांच बीघा फसल में उन्हें करीब 48 हजार रुपये की लागत लगानी पड़ी है। यदि किसी अन्य का खेत लेकर आलू की पैदावार की होती तो उस पर लागत कम से कम एक लाख से लेकर सवा लाख रुपये तक आती। गौरतलब है कि करीब 10 दिन पहले गांव मढ़ापिथू निवासी किसान सत्येंद्र कुमार ने भी दुखी होकर अपनी पांच बीघा आलू की फसल को ट्रैक्टर चलवाकर जुतवा दिया था।


क्षेत्रीय लेखपाल को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।-मनीष चौधरी, एसडीएम सादाबाद




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