
एटा मेडिकल कॉलेज में बिलखते परिजन
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कासगंज जनपद निवासी एक परिवार गांव की महिलाओं के साथ सत्संग में गया था। एटा मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती घायल महिला व उसके पति ने बताया कि गांव की महिलाओं ने मन्नत पूरी होने की बात मम्मी से कही थी। इस पर मम्मी सत्संग में जाने लगीं। मंगलवार को परिवार के साथ गईं थीं, लेकिन क्या पता था कि सत्संग के बाद हादसा हो जाएगा। मम्मी भोले बाबा की गाड़ी के पीछे अन्य महिलाओं संग दौड़ीं और उनकी मौत हो गई।
कासगंज जनपद के गांव गोरा निवासी 55 वर्षीय मीरा देवी सहित उनका बेटा सतेंद्र, बहू रिंकी व कामिनी सहित नातिन सारिका सत्संग में गांव के लोगों के साथ मंगलवार को शामिल होने गए थे। वहां भगदड़ में मीरा देवी की मौत हो गई। घायल रिंकी, कामिनी व सारिका को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। इमरजेंसी में रिकीं व सतेंद्र ने बताया कि मम्मी ने कुछ ही समय पहले सत्संग में जाना शुरू किया।
वह मंगलवार को चौथी बार सत्संग में गईं थीं, जिनके साथ हम लोग भी थे। वहीं गांव से करीब 30 लोग गए थे। सत्संग के दौरान महिलाएं व पुरुष अलग- अलग बैठे थे। सत्संग समाप्ति के बाद बाबा गाड़ी से जाने लगे तो गांव की महिलाएं पीछे दौड़ पड़ीं।
मम्मी भी महिलाओं को देखकर उनके पीछे चल दीं और सभी को बुलाने लगीं। भीड़ बड़ी तो मम्मी आगे हो गईं और धक्का लगने से गिर पड़ीं। इस दौरान हम लोग भी भीड़ के नीचे आ गए। किसी तरह कुछ समय बाद निकाला गया। मेडिकल कॉलेज आए तो चिकित्सक ने मम्मी को मृत बता दिया।
