
मृतक युवक सौरभ
– फोटो : फाइल फोटो
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किसी भी जीव के काटने को लापरवाही से नहीं लेना चाहिए, वरना जान से भी हाथ धोना पड़ता है। ऐसा ही कुछ सासनी में एक युवक के साथ हुआ। युवक को तीन महीने पहले एक कुत्ते ने काट लिया। उसकी अचानक हालत बिगड़ी और वह चल बसा।
हाथरस में सासनी कस्बे के मोहल्ला अग्रवाल निवासी सुरेशचंद्र वार्ष्णेय अनाज का कारोबार करते हैं। उनके 25 वर्षीय बेटे सौरभ को करीब तीन माह पहले फैक्टरी में काम करते वक्त कुत्ते ने काट लिया था। सौरभ ने एंटी रेबीज के इंजेक्शन न लगवाकर घरेलू उपचार किया। इसका यह परिणाम रहा कि उस पर रेबीज का असर आ गया।
हालत बिगड़ती देख परिवार के लोग उसे उपचार के लिए आगरा में एक निजी अस्पताल ले गए। वहां उसकी मौत हो गई। सौरभ भाई-बहनों में सबसे छोटा था। सौरव के बड़े भाई एवं बहन की शादी हो चुकी है। अहोई अष्टमी से पहले ही घर का चिराग बुझने से मां का रो-रो कर बुरा हाल है।
एंटी रेबीज इंजेक्शन
एंटी रेबीज इंजेक्शन उस स्थिति में लगाया जाता है जब किसी व्यक्ति को पागल कुत्ता, गीदड़, भेड़िए आदि काट ले। मरीज को 72 घंटे के अंदर इंजेक्शन लगवाना आवश्यक है। वैक्सीन न लगवाने पर रेबीज़ रोग होने का खतरा रहता है।
