उरई। उधार लिए पांच लाख रुपये लौटाने न पड़ें, इसके लिए एक युवक ने डाटा केबल से गला घोंटकर अपने ममेरे भाई को मार डाला। हत्या में उसके पांच दोस्तों ने भी साथ दिया। इनमें एक युवती है। पुलिस ने इन छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली के रहने वाले दो आरोपी फरार हैं।
नदीगांव के जूनियर हाईस्कूल परासनी में तैनात झांसी के शिवाजी नगर निवासी सहायक अध्यापक राघवेंद्र (38) 10 फरवरी को लापता हो गए। उनकी मां रामवती ने 11 फरवरी को नदीगांव थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शिक्षक की तलाश के लिए एसओजी सहित पुलिस की तीन टीमें बनीं थीं। इसी बीच पुलिस को मध्य प्रदेश के दतिया जिले के सेंवढ़ा थाना क्षेत्र में अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली। उसे वहां की पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद लावारिस हालत में दफन करवा दिया था। जांच में पता चला कि शव राघवेंद्र का था।
गहराई से छानबीन में शिक्षक की सुनियोजित तरीके से हत्या का खुलासा हो गया। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें मृतक की बुआ का लड़का कृष्ण पाल उर्फ कुलदीप , रिंकू, नीशू वर्मा, राजकुमार, अभि उर्फ निगम वर्मा और सोनिया उर्फ कुटकुट शामिल हैं।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने राघवेंद्र को रुपये लौटाने की बात कहकर बुलाया और नदी गांव क्षेत्र से अगवा कर हुंडई कार से दोस्त नीशू वर्मा के मध्य प्रदेश के सेंवढ़ा के पास बने ट्यूबवेल पर ले गए। वहां सभी ने शराब पी और राघवेंद्र को भी जबरन शराब पिलाई। इसके बाद उन्होंने सोनिया उर्फ कुटकुट के साथ मिलकर राघवेंद्र का आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बनाए, ताकि उसे डराया जा सके और वह पैसों की मांग न करे। राघवेंद्र ने इसका विरोध किया तो इन लोगों ने डाटा केबल से राघवेंद्र का गला कसकर हत्या कर दी और शव झाड़ियों में फेंककर भाग निकले। पुलिस के अनुसार इस हत्या में दो आरोपी फरार हैं जो दिल्ली के रहने वाले हैं। उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक कृष्ण पाल के खिलाफ पहले से ही तीन अन्य मामले दर्ज हैं।
एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि आरोपियों के पास से एक कार, एक स्कूटी, एक पिस्तौल, दो कारतूस, दो डाटा केबल, एक मफलर और एक थैली में शिक्षक के सर्विस इयर बुक से संबंधित सरकारी दस्तावेज बरामद हुए हैं। ये दस्तावेज शिक्षक राघवेंद्र के पास थे, जिन्हें आरोपियों ने हत्या के बाद अपने कब्जे में ले लिया था। पुलिस अधीक्षक ने घटना का खुलासा करने वाली टीम 25,000 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
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जुए और शराब की लत ने बनाया कर्जदार
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कृष्ण पाल जुआ खेलने और शराब पीने का आदी था और उस पर कई लोगों का कर्ज था। उसने राघवेंद्र से भी लगभग पांच लाख रुपये उधार लिए थे। राघवेंद्र उससे बार-बार पैसे मांग रहा था। इससे कृष्ण पाल परेशान था और देनदारी से बचने के लिए उसने यह कदम उठाया।
