कभी बुजुर्गों की बीमारी माने जाने वाला लकवा (स्ट्रोक) अब युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है। चिकित्सकों के अनुसार धूम्रपान, शराब की लत, बिगड़ी दिनचर्या और जंक फूड के चलते 30 से 40 वर्ष की उम्र में ‘यंग स्ट्रोक’ के मामले बढ़े हैं। सर्द माैसम में मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी में 25 फीसदी तक लकवाग्रस्त युवा मरीज आ रहे हैं।
चिकित्सकों ने बताया कि महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में ठंड में लकवे के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। रोजाना लकवे के 10 से 12 मरीज भर्ती हो रहे हैं। चिंता की बात यह है कि इनमें दो से तीन रोगी यंग स्ट्रोक के होते हैं। इस बीमारी में जान जाने से लेकर जीवनभर के लिए अपंगता होने का भी खतरा रहता है। न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कनकने ने बताया कि लकवे में शरीर के एक हिस्से में सुन्नपन आ जाता है। यह बीमारी बेहद गंभीर होती है। इलाज के बाद ठीक होने वाले लगभग 50 फीसदी मरीज अपंगता का शिकार हो जाते हैं।
कहा कि यदि मरीज को रक्त नलिका में थक्का जमने के कारण लकवा हुआ है तो उसे तीन से चार घंटे (गोल्डन आवर) में अस्पताल पहुंचना जीवन रक्षक साबित हो सकता है। उपचार के दाैरान मरीज को थक्का घोलने वाली दवा दी जाती है। उनका कहना है कि धूम्रपान और तंबाकू से दूरी, नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाकर इस खामोश खतरे से युवाओं को बचाया जा सकता है।
शराब, सिगरेट और जंक फूड का शरीर पर ऐसे पड़ता है दुष्प्रभाव
डॉ. अरविंद ने बताया कि शराब और सिगरेट पीने से नसें सिकुड़ने लगती हैं। इससे खून का बहाव धीमा हो जाता है। आगे चलकर रक्त का थक्का जम जाने से अचानक लकवा पड़ जाता है। उन्होंने बताया कि जंक फूड खाने से भी शरीर में कोलेस्ट्राॅल की मात्रा बढ़ती है। इससे लिपिड की मात्रा बढ़ने से थक्का जम जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि इन दिनों युवा तनाव, नींद की कमी और शारीरिक निष्क्रियता की भी चपेट में हैं। कई मामलों में हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ता रहता है और अचानक स्ट्रोक का कारण बन जाता है।
यह हैं लक्षण
हाथ-पैरों में कमजोरी
चेहरे में तिरछापन आना
समझने में परेशानी
चलने में लड़खड़ाहट
व्यवहार में परिवर्तन
सिरदर्द, चक्कर या उल्टी आना
बचाव के उपाय
संतुलित आहार व पौष्टिक भोजन करें
वजन नियंत्रित रखें, नियमित व्यायाम करें
रोज 40 से 45 मिनट तक पैदल चलें
तंबाकू या धूम्रपान न करें, तनाव न लें
बीपी, डायबिटीज की नियमित दवा लें
